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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 नवम्बर 2020। श्रीडूंगरगढ़ सहित पूरे देश से गांव तोलियासर में विश्वरक्षक भैंरू बाबा के दरबार में धोक लगाने आ रहे श्रद्धालुओं द्वारा एक ही सवाल उठाया जा रहा है कि जब पूरे राज्य एवं देश में सभी बड़े मंदिर दर्शनार्थ खुल गए है तो तोलियासर भैंरूजी मंदिर क्यों नहीं खोला जा रहा है.? इस सवाल के साथ क्षेत्र के सभी भैरव भक्तों में रोष भी व्याप्त है और मंगलवार को तो मंदिर के बाहर भैरव संघर्ष समिति के बैनर तले भैरव भक्तों ने मुठि्ठयां तान ली और प्रशासन के खिलाफ नारेबाज की। समिति के संयोजक जे.पी. पुरोहित ने कहा कि 24 नवम्बर 2012 को मूर्ति चोरी के बाद से ही प्रशासन द्वारा मंदिर के प्रति उपेक्षित रवैया अपनाया जा रहा है एवं इस कारण सभी भैरव भक्तों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। मूर्ति चोरी प्रकरण में न्यायालय द्वारा प्रशासन को मंदिर व्यवस्थाएं सौंप दी तथा प्रशासन हर वर्ष मंदिर में आने वाला लाखों रुपए का चढ़ावा भी राजकोष में जमा करवा रहा है। परन्तु आज तक प्रशासन द्वारा मंदिर में कार्यरत पुजारी, सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी, बिजली व पानी बिल, पूजन सामग्री किसी का भी भुगतान नहीं किया गया है। प्रशासन ने मंदिर की व्यवस्थाओं में एक रुपए का भी सहयोग नहीं किया है। ऐसे में अब कोरोना काल के दौरान प्रशासन भैरवभक्तों की आस्था से सीधे खिलवाड़ कर रहा है। क्योंकि राज्य के सभी बड़े मंदिर खाटूश्याम जी, सालासर जी, मेहंदीपुर बालाजी और जिले के सभी मंदिर करणी माता देशनोक, कोडमदेसर भैंरूजी, पूनरासर हनुमानजी मंदिर दर्शनार्थ खोल दिए गए है। ये तोलियासर भैंरूजी मंदिर प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आने के कारण अभी तक नहीं खोला गया है। संघर्ष समिति ने शीघ्र मंदिर खोलने एवं मंदिर व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए भुगतान करने की मांग की है। इस मांग को लेकर भैरव भक्तों ने काला दिवस भी मनाया है एवं सभी ने काली पट्टियां बांध कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की है। भैरव श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन अतिशीघ्र मंदिर खोलने का निर्णय ले नहीं तो प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। तोलियासर मंदिर के आगे प्रदर्शन करते भैरव भक्त।