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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 जनवरी 2021। भगवान के भक्तों में सर्वोत्तम मानवीय गुणों की खान होते है उनमें दया, प्रेम, समानता त्याग, सेवा सभी गुण एक भक्त की पहचान है। ये विचार आज गांव ठुकरियासर में वृंदावन से आए संत भरतशरण ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हंस कीचड़ में खिले कमल की नाल से दूध ग्रहण कर कीचड़ व पानी को छोड़ देता है उसी तरह से भक्त संसार के असार तत्वों को छोड़ कर सार तत्व भगवान की शरण लेकर अपना सर्वस्व उन्हें अर्पण कर देते है। भरतशरण ने कहा कि जिस तरह भगवान का गुणगान महत्वपूर्ण है उसी तरह कलिकाल में भक्तों की महिमा को जान कर उनकी दृढ़ता से परिचय पाकर हमारी आधुनिक पीढ़ी भी हमारी संस्कृति पर गर्व करना सीखें हमें ऐसा माहौल बनाना आवश्यक है। ठुकरियासर के ग्रामीणों ने भक्तमाल का वाचन आज गांव में कलश यात्रा निकाल कर प्रारंभ किया। ये कथा आयोजन 27 जनवरी तक होगा जिसमें भक्तमाल ग्रंथ के सभी भक्तों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। आयोजन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक होता है जिसमें आस पास के गांवो से भी श्रद्धालु पहुंच रहें है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कलश यात्रा निकाल कर भक्तमाल कथा प्रारंभ की गई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। संत भरत शरण ने भक्तों की महिमा बता कर कथा का शुभारंभ किया।