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October 16, 2026
9-kishnaram
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जुलाई 2026। सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत राजस्व गांवों में एफएसटी प्लांट लगवाए जाने की योजना का क्रियान्वयन क्षेत्र में शुरू हो गया है। श्रीडूंगरगढ़ अंचल में ये पहला प्लांट क्षेत्र के सबसे बड़े गांव मोमासर में लगवाया जा रहा है। ग्रामीण इसके स्थान परिवर्तन की मांग कर रहें है। गुरूवार को पंचायत समिति विकास अधिकारी मनोज कुमार धायल मौके पर पहुंचे व कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य सुभाष कमलिया, पूर्व सरपंच जेठाराम भामूं, सुशील राजपुरोहित, खींयाराम भामूं, सुदंरलाल भार्गव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे व अपना विरोध दर्ज करवाया। ग्रामीणों ने बताया कि एफएसटी प्लांट जहां बनाया जा रहा है वह गांव की सार्वजनिक व घनी आबादी के पास स्थित जगह है। जहां सावन तीज का मेला भरता है, तथा पास ही बालिका उमावि व एक कालका मंदिर भी स्थित है। ये स्थान गांव में सार्वजनिक आयोजनों का स्थल है। ये प्लांट यहां नहीं लगाया जाना चाहिए व इसे गांव से दूर ले जाया जाना चाहिए। वहीं विकास अधिकारी मनोज धायल ने बताया कि काम सेंशन हो गया व बजट पास हो गया है। पीलर भर दिए गए है, कार्य प्रगति पर है।
क्या होता है एफएसटी प्लांट.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। एफएसटी प्लांट सेंटर मतलब फीकल सिलिज ट्रीटमेंट प्लांट शहरों की तर्ज पर अब गांवो में भी बनाए जाएंगे। योजना के ड्राफ्ट के अनुसार मल मूत्र का टैंक के माध्यम से ट्रीटमेंट किया जाएगा। सीवर से पानी और खाद तैयार की जाएगी। पानी को शुद्ध कर सिचांई या पशुओं के पीने योग्य होगा जबकि खाद का खेती में प्रयोग कराया जाएगा।इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।