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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 सितम्बर 2023। बचपन में परीकथा, विक्रम-बेताल कथा जैसी रोमांचक कथाएं हम सबने पढ़ी होगी परंतु उनसे कहीं ज्यादा सस्पेंस एवं रोमांच की कथा इन दिनों श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में भवानी-कथा चल रही है। श्रीडूंगरगढ़ में पिछले पांच सालों से चल रही इस भवानी कथा में अब सस्पेंस और अधिक बढ़ता नजर आ रहा है। यहां पूर्व में ईओ रहे भवानीशंकर व्यास द्वारा येन-केन-प्रकारेण हर हाल में श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में पदस्थापित होने की जिद देखने को मिली तो वहीं पालिका प्रशासन नियमों का हवाला देते हुए व्यास को पालिका में घुसने ही नहीं दे रहा है। ऐसे में इन दिनों श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में भले ही आम लोगों के काम हो या ना हो, आवेदकों के पट्टे जारी हो या ना हो लेकिन यहां ग्रेट पालिटिकल ड्रामा पूरे जोरों शोरों से चल रहा है। इस ड्रामे में मामला पुलिस के दर तक भी पहुंच गया है। आप भी पढ़ें भवानी-कथा का यह उत्तर कांड विस्तार से।
जबरन खुलवाया कार्यालय, दस्तावेज खुर्द-बुर्द कर करवाई ज्वाइनिंग, पालिकाध्यक्ष सहित कई आरोपी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 सितम्बर 2023। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका की भवानी-कथा में सोमवार को धमाकेदार एंट्री होती है पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा की। शर्मा एवं व्यास की आपसी टयूनिंग सेट होने की अंदरखाने की बात सोमवार को खुल कर सामने आ गई एवं पालिकाध्यक्ष ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर व्यास को ज्वानिंग भी करवा दी। सोमवार सुबह 9 बजे ही भवानीशंकर व्यास के साथ पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि गोपाल छापोला, नदंलाल नाई, कन्हैयालाल गुरावा अपने अन्य साथियों के साथ पहुंचे एवं कार्यालय समय 9.30 बजे से पहले ही कार्यालय कर्मियों, ईओ की अनुपस्थिति में संस्थापन शाखा खुलवाई। इन लोगों द्वारा संस्थापन शाखा में से उपस्थिति पंजिका अध्यक्ष कक्ष में ले जाई गई और वहां उपस्थिति पंजीका में छेड़छाड़ करते हुए उसके पन्ने फाड़ दिए। आरोपियों के साथ मिल कर भवानीशंकर व्यास ने खुद को ईओ द्वारा कार्यग्रहण करवाए बिना ही नियम विरूद्ध उपस्थिति पंजिका में गत 1 सितम्बर शुक्रवार को अपनी उपस्थिति अंकित कर दी। ऐसे में ईओ ने गत 1 सितम्बर को भवानीशंकर व्यास के पालिका में नहीं आने व सोमवार शाम तक भी अपनी उपस्थिति ईओ के समक्ष प्रस्तुत तक नहीं करने की बात कहते हुए आरोपियों के इस कृत्य के खिलाफ पुलिस में परिवाद दी है। ईओ कुंदन देथा ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की गुहार पुलिस से लगाई है एवं इस संबध में उच्चाधिकारियों को भी सूचित किया है।
पहले के आरोप भी दिलाए याद, अभी तक दर्ज नहीं हुआ कोई मामला।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पुलिस को दी गई परिवाद में पालिका ईओ कुंदन देथा ने आरोपियों पर पहले से लगे आरोपों का भी उल्लेख किया है। देथा ने अपनी परिवाद में पुलिस को बताया कि पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा एवं तत्कालीन ईओ भवानीशंकर व्यास द्वारा कार्यालय को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हुए राजकीय दस्तावेजों को खुर्द-बुर्द करते हुए नियम विरूद्ध फर्जी पट्टे बनाए गए थे एवं इस संबध में उस समय करवाई गई एफआईआर के अनुसंधान में पुलिस ने भी यह माना था। इसी प्रकार गोपाल छापोला के विरूद्ध पूर्व में कार्यालय के सभी कार्मिकों द्वारा सामूहिक रूप से पुलिस में परिवाद देकर कानूनी कार्रवई की मांग भी की जा चुकी है। हालांकि ईओ द्वारा सोमवार को पुलिस में परिवाद देने, सीसीटीवी की फुटेज देने, छेड़छाड़ की गई उपस्थिति पंजिका देने के बाद भी अभी तक इस संबध में कोई मामला श्रीडूंगरगढ़ थाने में दर्ज नहीं किया गया है।
जिस पद पर आए व्यास, वह पद श्रीडूंगरगढ़ पालिका में सृजित ही नहीं, अनूठा मामला।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पुलिस, शिक्षा, चिकित्सा, पंचायती राज, राजस्व आदि सभी विभागों में अनेकों पद रिक्त पड़े है एवं आए दिन इन रिक्त पदों को भरने की मांग उठाती क्षेत्र की जनता नजर आती है। लेकिन मजे की बात यह है कि श्रीडूंगरगढ़ पालिका में एक ऐसा स्थानातंरण कर व्यास को यहां भेजा गया जो पद यहां सृजित ही नहीं है। स्वायत्त शासन विभाग द्वारा व्यास का स्थानांतरण नोखा नगरपालिका से श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में सहायक लेखाधिकारी द्वितीय के पद पर किया गया था। लेकिन असल में यह पद श्रीडूंगरगढ़ पालिका में है ही नहीं। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में कनिष्ठ लेखाकार का पद है एवं उस पर कोष एवं लेखा विभाग से कार्मिक को पदस्थापित किया हुआ है। इस संबध में स्थिति को स्पष्ट करते हुए श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका के ईओ द्वारा गत 22 अगस्त को ही स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक को पत्र दिया गया था एवं व्यास का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की गई थी।
मजाक बना स्वायत्त शासन विभाग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। स्वायत्त शासन विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है एवं जयपुर में बैठे कार्मिक, अधिकारियों से पैसे के दम पर कुछ भी करवाया जा सकता है। यह शब्द इन दिनों श्रीडूंगरगढ़ के हर चौराहे पर चर्चाओं में गूंज रहें है। क्योंकि श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में पिछले कुछ समय से हर थोड़े दिनों में जो आदेश आ रहे है वह स्वायत्त शासन विभाग का मखौल जनता के बीच में बना रहें है। ऐसे में सवाल यह है कि स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारियों तक यह सच पहुंच ही नहीं रहा या वास्वत में वहां यही हालात है आमजन में चर्चा यही है।
“पालिका ईओ द्वारा दिये गए परिवाद को ऑनलाइन दर्ज कर लिया गया और उसमें बताए तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही एफआईआर सबंधी कुछ कहा जा सकेगा।”
अशोक विश्नोई, थानाधिकारी, श्रीडूंगरगढ़