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October 18, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 नवंबर 2025। मूंगफली खरीद भी किसानों के लिए जी का जंजाल बन गई है। खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप और गिरदावरी में अनियमितताएं की शिकायतों के बाद बिजली बिल की अनिवार्यता लागू कर दी गई है। इस व्यवस्था में भी अनेक पात्र किसान खरीद से वंचित रह जाएंगे। ऐसी आशंका जताते हुए जिला परिषद सदस्य श्रीराम भादू ने व्यवस्था में सुधार करने व वंचित पात्र किसानों के लिए न्याय की मांग करते हुए पंजीयन पोर्टल पुन: चालू करने की मांग की है। भादू ने उपखंड अधिकारी को पत्र देते हुए बताया कि क्षेत्र में इस बार गोजा लट रोग का प्रकोप अत्यधिक हुआ। ऐसे में किसानों ने कुंआ स्थित खसरे से अलग खेत पड़ोसी खसरे में खेत किराए लेकर मूंगफली की फसल काश्त की, अब किसान शंकित है कि पड़ोसी के खेत खसरे के नाम बिजली बिल कुआं मालिक कैसे प्रस्तुत कर सकेगा। वहीं क्षेत्र में अनेक स्थानों पर एक खसरे में दो कुएं योजना के तहत विद्युत कनेक्शन है, जिनका बिल एक व्यक्ति के नाम आता है परंतु भाईयों की संयुक्त खातेदारी में बंटवारा के अनुसार भाई काश्त करते है। ऐसे में सभी वारिसान अपने अपने हिस्सा में काश्त करते है, लेकिन बिल तो दिवंगत पिता के नाम आता है, तो सह खातेदार या भाई अपने-अपने, अलग-अलग नाम से बिजली बिल कैसे प्रस्तुत करेंगे। भादू ने बताया कि ऐसे कृषि विद्युत कनेक्शन जो बाहर क्षेत्र में शिफ्ट हुए है, जिनका नाम परिवर्तन वर्तमान कुए खातेदार के नाम नहीं हुए है। तो ऐसे में खातेदार धारक की गिरदावरी व बिजली बिल के नाम में भिन्नता है, वहीं छोटे किसान जिनके अपने नाम खेतों में सिंचाई कुएं नहीं है, परंतु वे पड़ौसी कुआं धारक से कुछ शर्तों पर पानी लेकर अपनी खातेदारी भूमि में मूंगफली की काश्त कर रखी है। ऐसे किसान बिजली कैसे प्रस्तुत कर पाएंगे। भादू ने कहा कि उपखंड क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार 65,000 खसरों में मूंगफली फसल की काश्त हुई है। जबकि 20,165 खसरे ही तुलवाई के लिए पंजीकृत हुए है, इससे साफ जाहिर है कि पात्र किसान पंजीयन से वंचित रह गए है। पात्र किसानों को लाभ देने के लिए पंजीयन पोर्टल पुन चालू करवा किसानों को लाभ दिया जाए।