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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 दिसंबर 2025। एक माँ की शिकायत पर कोर्ट ने उसके हक में फैसला करते हुए बेटे बहू से पुलिस द्वारा जबरन मकान खाली करवाया गया है।
एडवोकेट राधेश्याम दर्जी ने बताया कि अक्सर अदालतें माँ के पक्ष में फैसला देते आई है। बेटे बहू यदि बुजुर्ग माँ के साथ विवाद करें और प्लाट या मकान उनके नाम से है तो वे उन्हें घर/प्लाट से बाहर निकालने का अधिकार रखती है। ऐसा ही मामला श्रीडूंगरगढ़ में सामने आया है। आड़सर बास निवासी इंद्रादेवी झंवर ने अदालत से अपने खरीदशुदा मकान को बेटा दिनेश झंवर व बहू रीना झंवर के कब्जे से मुक्त करवाने व खाली करवाने की मांग करते हुए दीवानी मामला कोर्ट में दर्ज करवाया। जिसपर कोर्ट ने उनके पक्ष में 17 जनवरी 2024 को मकान बेटे बहू से खाली करवाने का आदेश दिया। एडवोकेट गोपाल पारीक ने बताया कि आदेश की पालना नहीं होने पर इंद्रा देवी ने कोर्ट की अवमानना की सूचना कोर्ट को दी। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्ष कुमार ने इसे आदेश की अवमानना मानते हुए डिक्री जारी की। उन्होंने थानाधिकारी श्रीडूंगरगढ़ को आदेश देकर मकान खाली करवाने व इंद्रादेवी के हक में सुपुर्द करने की बात कही। पुलिस एसआई पवन शर्मा, हैड कांस्टेबल रामस्वरूप बिश्नोई सहित दो महिला कांस्टेबल व आरएसी के जवानों ने बुधवार 3 दिसंबर 2025 को मौके पर पहुंच कर जबरन मकान खाली करवाने की कार्रवाई को अंजाम दिया। इंद्रोदवी की ओर से मामले की पैरवी एडवोकेट राधेश्याम दर्जी व एडवोकेट गोपाल पारीक ने की। बता देवें दोनों पक्षों में परस्पर फौजदारी मामले भी दर्ज है, जिनमें विवाद भी कोर्ट में चल रहें है।