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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 अप्रैल 2021। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में 21,25, 26, अप्रैल व 7 मई के सैंकड़ो सावे है और इन सावों की रौनक तो पहले ही कोरोना ने छीन ली अब बहू, बेटी को गहने लेना देना भी मुश्किल होता नजर आ रहा है। नागरिकों का कहना है कि कोढ़ रूपी कोरोना की खाज में इस बंद ने खुजली का कार्य किया है। सामाजिक ताने बाने में बहू और बेटी को गहने देने की परंपरा ने परिजनों की चिंताएं बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने श्रीडूंगरगढ़ बाजार के स्वर्णकारों को गहने बनवाने दिए परन्तु दुकानें बंद होने से वे अत्यधिक तनाव महसूस कर रहें है। बंद दुकानों में कारीगरों द्वारा काम करने को पुलिस जवानों द्वारा सरकारी निर्देशों की पालना करवाते हुए व दुकाने बंद करवा दी। अब एक और दूल्हे व दुल्हन के परिजन परेशान हो उठे है वहीं सोने के आभूषण बनाने वालों का तर्क है कि ये भी एक निर्माण कार्य है और सरकार ने निर्माण इकाइयों को कार्य करने की छूट दी है तो हमें भी कार्य करने की छूट दी जानी चाहिए। इन दुकानदारों को भी आर्डर पूरा करने की चिंता सता रही है।

परिजन परेशान, चाहते है समाधान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। परिजन निर्माण इकाइयां बंद नहीं करने की बात के साथ ही सामान की डिलीवरी नहीं होने से परेशान है और समाधान चाहते है जिससे 21 सावे में लोग अपना सामान ले सकें। समंदरसर निवासी गोपाल गोदारा ने बताया कि 25 को छोटे भाई और बहिन का विवाह है और अभी तक गहने नहीं बन पाए है, ज्वेलर्स कह रहे है बंद है और घर वाले गहनों की रट लगाए है। कस्बे के विवेक बिहानी ने बताया कि परसों यानी 21 अप्रैल को ही बड़े भाई का विवाह है और गहने बनवाने की जिम्मेदारी मुझे दी गई थी अभी तक ये कार्य नहीं हो पाया अब घर पर क्या जवाब दूँ.??

श्रमिकों की पीड़ा है ये, कैसे पालेंगे परिवार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गहनों का निर्माण करने वाले श्रमिक कस्बे में बहुतायत बंगाल, महाराष्ट्र सहित कई स्थानों के बड़ी संख्या में है। इन श्रमिकों ने बताया कि हमारा प्रति पीस पर मेहनताना होता है और कार्य नहीं कर पाए तो भूखे मरने की नोबत आ जाएगी। सावों के टाइम ही हमारी कमाई का समय होता है। श्रमिकों ने बताया कि पिछले वर्ष तो लॉक डाउन में जैसे तैसे जमा पूंजी निकाल कर काम चलाया परन्तु इस बार काम में मंदी रही। जमा पूंजी कुछ नहीं है और अब काम बंद हुआ तो परिवार पालना मुश्किल हो जाएगा। बता देवें की कपड़े, जूतों के व्यापारी भी विवाह की सीजन देखते हुए दुकाने खोलने की अनुमति चाहते है।