Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
0b86eb24-505c-47cb-b4ff-c03c43d67f94
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ टाइम्स 4 जुलाई 2020। क्षेत्र के किसान हो या साधारण ग्रामीण की समस्याओं का समाधान प्रशासन या जनप्रतिनिधि से होता नजर ही नहीं आ रहा है। उपखंड क्षेत्र में पेयजल के लिए और बिजली आपूर्ति के लिए ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश की स्थिति पैदा होने लगी है। आज गांव बिग्गा में पिछले 6 दिनों से पानी नहीं आने के कारण परेशान लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। गांव की रेशमी देवी ने कहा कि लॉकडाउन में हम लोग टैंकर के रूपए कहाँ से लाए और पेयजल की किल्लत से परेशान हो गए है। गांव के चंपालाल तुनगरिया, हनुमानराम ने पेयजल आपूर्ति नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। गांव में पानी सर पर ढोकर लाने वाली महिलाओं में भी खासा रोष है। गांव बिग्गा सहित लालमदेसर बड़ा, उदासर चारणान, लाधडिया, कल्याणसर नया, पुराना, संमदसर, इंदपालसर, कोटासर, दुसारना, धनेरु, सहित कई गांवों में पानी सप्लाई बाधित है और ग्रामीण परेशान हो रहे है। वहीं बिजली सप्लाई में बार बार कटौती से गांव डेलवा, गुसाईंसर बड़ा, लोडेरा, मणकरासर, बिंझासर, भोजास, के ग्रामीण लगातार शिकायतें कर रहे है। गुसाईसर बड़ा में ग्रामीण गुरूवार को धरने पर बैठे रहे व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। विभाग के व्यवस्था में सुधार के आश्वासन के बाद देर रात ग्रामीणों ने धरना उठाया था।

विधायक महिया ने अधिकारियों से मिल कर समस्याओं के समाधान की मांग की।
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। इन गांवो की पानी बिजली की समस्याओं को लेकर क्षेत्रीय विधायक गिरधारी लाल महिया ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता से मिले। बिजली पानी की समस्याओं के समाधान के लिए विधायक ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता व अधिशाषी अभियन्ता से भी मिले। महिया ने बिजली पानी की समस्याओं से निजात दिलवाने की मांग की। महिया ने एम डी से भी फोन पर बात की। महिया ने मंत्रियों को भी पत्र लिखे और क्षेत्र की पेयजल समस्या, बिजली आपूर्ति नहीं होने से अवगत करवाया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बिग्गा में प्यासे आवारा पशुओं को पानी पिला रहे ग्रामीण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्रामीण महिलाएं परिवार की जरूरत का पानी सिर पर लेकर आ रही है
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांवो में घरों के कुंड रीते पड़े है, ग्रामीणों में पेयजल के लिए आक्रोश है।