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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 मई 2023। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (World Hypertension Day) न सिर्फ बड़े-बूढ़ों बल्कि बच्चों में भी इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक अच्छा अवसर है। वैसे तो उच्च रक्तचाप आमतौर पर वयस्कों से जुड़ा होता है, लेकिन पेरेंट्स के लिए यह जानना भी बहुत जरूरी है कि बच्चे भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। बच्चों में उच्च रक्तचाप से संबंधित जोखिमों, कारणों और निवारक उपायों को समझना उनके ओवरऑल हेल्थ पर देना बहुत जरूरी है। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2023 पर, आइए जानते हैं कि बच्चों में उच्च रक्तचाप के लक्षण, जोखिम और कैसे निपटें इसके बारे में।

बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से अब बच्चों भी प्रभावित हो रहे हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स का अनुमान है कि दुनिया भर में लगभग 3.5% बच्चों और किशोरों में उच्च रक्तचाप है। यह एक चिंताजनक स्थिति है क्योंकि यह बच्चों में आगे चलकर हार्ट प्रॉब्लम्स, किडनी के अलावा और कई दूसरी गंभीर बीमारियों की भी वजह बन सकता है।

उच्च रक्तचाप के जोखिम

बच्चों में उच्च रक्तचाप होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें मोटापा, खराब खानपान की आदतें (उच्च सोडियम और कम पोटेशियम का सेवन), गतिहीन जीवन शैली, कुछ चिकित्सीय स्थितियों (जैसे किडनी रोग) और कुछ दवाओं के सेवन के साथ पारिवारिक इतिहास भी शामिल है। इन जोखिम कारकों को पहचानने से माता-पिता को अपने बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में अधिक सतर्क रहने में मदद मिल सकती है।

लक्षण और उपचार

उच्च रक्तचाप के लक्षण बच्चों में साइलेंट ही होते हैं इस वजह से इसे बिना जांच के पता लगाना मुश्किल हो जाता है। कुछ मामलों में, गंभीर उच्च रक्तचाप वाले बच्चों में सिरदर्द, चक्कर आना, थकान या धुंधली दृष्टि जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर माता-पिता को कोई संबंधित संकेत या लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें तुरंत एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

रोकथाम और स्वस्थ जीवन शैली

माता-पिता अपने बच्चों में उच्च रक्तचाप को रोकने और प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तो अपने बच्चों को प्रोसेस्ड फूड्स, शुगर वाले पेय पदार्थों और हाई सोडियम वाले स्नैक्स से दूर रखें। उनकी डाइट में फल, सब्जियों, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन से भरपूर चीज़ों को शामिल करें। फिजिकल एक्टिविटी कराएं। इन चीज़ों से काफी हद तक ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखा जा सकता है।

नियमित निगरानी और चिकित्सा देखभाल

जिन बच्चों को उच्च रक्तचाप का खतरा है, जैसे कि पारिवारिक इतिहास या कुछ चिकित्सीय स्थितियों वाले बच्चों की नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करवाते रहनी चाहिए। डॉक्टर के संपर्क में रहें जिससे किसी भी अनहोनी से निपटने में मदद मिल सके।