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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 जुलाई 2025। मंगलवार को एक और जहां प्रदेश के मुखिया श्रीडूंगरगढ़ पहुंच रहे है वहीं दूसरी और क्षेत्र के गांव अमृतवासी में स्कूल में शिक्षक लगाने की मांग को लेकर ग्रामीण एवं विद्यार्थी आंदोलनरत जहो गए है। ग्रामीणों ने गांव की सरकारी स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए शिक्षक लगाने की मांग की है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी ग्रामीणों का साथ दिया और स्कूल में शिक्षक लगाने की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने बताया कि सभी स्कूलों में धूमधाम से प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है वहीं राउमावि अमृतवासी से बड़ी संख्या में बच्चों ने टीसी कटवा ली है। यहां गत वर्ष 11 जनों का स्टाफ था और इस वर्ष एक प्रधानाचार्य एक पीटीआई सहित ही केवल पांच शिक्षक है। जिनमें शैक्षणिक कार्य केवल 3 शिक्षकों के भरोसे ही है। ऐसे में स्कूल कैसे चलेगा? ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए जम कर प्रदर्शन किया एवं शनिवार तक शिक्षक नहीं लगाने पर सोमवार से स्कूल गेट पर ताले लगाने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में गत वर्ष से नामांकन कम हो गया है। शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चे टीसी लेकर अन्यत्र जाने को मजबूर है। यहां मौके पर भागीरथ बिरड़ा, सीताराम गोदारा, ओमप्रकाश बिरड़ा, धर्माराम ज्याणी, श्रवणराम ज्याणी, मनफुल कड़वासरा, किशन ज्याणी, राजूराम सुथार, रामकरण डूडी सहित गांव के अनेक बुजुर्ग व युवा मौजूद रहें।

चार वर्ष पहले क्रमोन्नत, आठवीं तक के तीन शिक्षक पढ़ा रहे पहली से 12वीं तक के बच्चों को।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र के गांव अमृतवासी में सरकार द्वारा ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के साथ जबरदस्त मजाक किया जा रहा है। यहां की सरकारी स्कूल को चार वर्ष गहलोत सरकार द्वारा पूर्व आठवीं से दसवीं एवं छह महिनों में ही 12वीं तक क्रमोन्नत तो कर दिया लेकिन चार सालों में एक भी शिक्षक वरिष्ठ, व्याख्याता नहीं लगाया गया एवं आठवीं तक के शिक्षकों द्वारा ही 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। नई सरकार आने के बाद भी यहां सूध नहीं ली गई एवं इस शिक्षा सत्र में तो स्थिति कोढ़ में खाज की हो गई। कार्रवाहक प्राचार्य शंकर जांघू ने बताया कि गत वर्ष यहां 11 जनों का स्टाफ था, जिनमें से 3 जने तो समायोजन में, 2 जनें इंग्लिश मीडियम में चयनित होकर यहां से चले गए एवं एक जना सेवानिवृत हो गया। ऐसे में अब पीछे 5 जनों का स्टाफ ही बचा है एवं इनमें से भी एक को प्राचार्य का कार्य एवं दूसरे को पीटीआई का जिम्मा है। ऐसे में आठवीं तक के तीन शिक्षकों द्वारा ही 12 वीं तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। यही कारण है कि गत वर्ष यहां 150 से अधिक बच्चों का नामाकंन था एवं इस वर्ष लगातार टीसी कटते हुए 130 से कम बच्चे बचे है।