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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 फरवरी 2026। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के समर्थन में देर रात बीकानेर की सड़कों पर पेड़ों की रक्षा हम करेंगे के नारे गूंज उठे। आंदोलन के समर्थकों ने कैंडल मार्च निकाला गया। वहीं बुधवार को महापड़ाव से प्रदेश भर में आंदोलन का आह्वान किया गया। आंदोलन में 485 लोगों का आमरण अनशन जारी है। इनमें 29 संत, 68 महिलाएं शामिल है। इनमें 17 की तबीयत बिगड़ गई है। महापड़ाव पर ही प्रशासन ने 75 बेड का अस्पताल बनाया है। अनशन कर रहें लालदास व मांगीलाल को पीबीएम के आईसीयू में भर्ती कराया गया वहीं सुभाषचंद्र को 2 घंटे बाद पीबीएम से छुट्टी दे दी गई। संत रामेश्वरदास, किशनाराम, अविनाश, कृष्ण कुमार, राजेश्वरी, मिताशी का अस्थायी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी आंदोलन स्थल पर मौजूद रहें। भाटी ने राज्य वृक्ष का महत्व देखते हुए इसके सरंक्षण के लिए नेताओं को आगे आने की बात कही।
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में मिल रहा आंदोलन को व्यापक समर्थन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में विश्नोई समाज के मौजिज लोग आंदोलन में भागीदारी निभा रहें है। वहीं अंचल के विभिन्न गांवो में युवा इसे समर्थन दे रहें है। सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ अनेक पोस्ट लगाई जा रही है। भाजपा समर्थक भी खेजड़ी आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार से इस पर कड़ा कानून बनाने की मांग कर रहें है।
विधानसभा में गूंजा खेजड़ी आंदोलन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बुधवार को विधानसभा में सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर ने राज्य वृक्ष खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई, पर्यावरण संरक्षण और बिश्नोई की ओर से चल रहें आंदोलन को लेकर राज्य सरकार की उदासीनता का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी विधानसभा में इस विषय को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह साधु संतों से बातचीत करे और खेजड़ी संरक्षण को लेकर स्पष्ट निति बनाए।