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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 नवंबर 2025। राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलवाने के लिए संघर्ष कर रहें साहित्यकारों ने अब इस आंदोलन को जन- जन से जोड़ने का बीड़ा उठाया है। मुरूभूमि शोध संस्थान के बैनर तले साहित्यकार इसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। जिसमें प्रभात फेरियां, रेलियां निकाली जाएगी व प्रश्नोत्तरी के आयोजन होंगे। इस जन जागरण अभियान की जानकारी देते हुए संस्था के सचिव साहित्यकार श्याम महर्षि ने बताया कि राजस्थानी का समृद्ध साहित्य और परम्परा होते हुए भी इसे संवैधानिक मान्यता नहीं दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। मान्यता न मिलने से हमारे राजस्थानी बच्चे अपने हक-हकूक से वंचित रह गए हैं। इसलिए भाषाई मान्यता के लिए संस्था के प्रकोष्ठ राजस्थली द्वारा राजस्थानी जनजागरण अभियान कल बाल दिवस से प्रारम्भ किया जा रहा है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नेतृत्व में विद्यार्थी प्रभात फेरियां और रेलियां निकालेंगे और मान्यता की मांग को बुलंद करेंगे।
समारोह संयोजक साहित्यकार रवि पुरोहित ने बताया कि नई पीढ़ी को भाषा के संस्कारों से शिक्षित, संस्कारित और परिचित करवाने के लिए 16 नवम्बर 25 रविवार को राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति के प्रांगण में प्रातः 10 बजे राजस्थानी कहानी प्रश्नोत्तरी के कार्यक्रम उजास का आयोजन शिक्षाविद् साहित्यकार छगनलाल सेवदा की अध्यक्षता और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज पूनिया वीर के मुख्य आतिथ्य में बागेश्वरी साहित्य, कला, सांस्कृतिक विरासत संस्थान के सहयोग से किया जायेगा। समन्वयक कवयित्री भगवती पारीक ने बताया कि प्रश्नोतरी कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों को 1100, 700 और 500 रुपए के नगद पारितोषिक के साथ पुरस्कृत किया जाएगा। पांच विद्यार्थियों को सान्त्वना पुरस्कार भी दिये जायेंगे। समारोह प्रबंधक कवियत्री सरोज शर्मा ने बताया कि उजास आयोजन में बच्चों द्वारा अपनी विभिन्न प्रतिभाओं यथा नृत्य, गायन, एकाभिनय, कविता पाठ आदि भी प्रस्तुत किये जायेंगे।