Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
0000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 जून 2024। चाय ऐसी ड्रिंक है, जिसके दीवाने आपको अपने आस-पास खूब देखने को मिल जाएंगे। कई लोगों को तो चाय इतनी पसंद होती है कि वे अपनी दिन की शुरुआत भी चाय के साथ ही करते हैं। ऐसे में लोग अपने अपने स्वाद और स्वास्थ्य के अनुसार ग्रीन टी, ब्लैक टी, लेमन टी और मिल्क टी को पीना पसंद करते हैं। इनमें दूध की चाय को तो सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। ऐसे में कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जिन्हें सिर्फ दूध में अधिक चाय पत्ती डालकर, देर तक उबालकर तैयार की हुई चाय ही पसंद आती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि देर तक चाय को उबालने से आपकी चाय आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। जी हां, यह सच है। देर तक उबली हुई चाय सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। आइए जानते हैं दूध वाली चाय को कितने समय उबालना सही है और ज्यादा उबालने से इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे में।

कितनी देर तक चाय को उबालना सही है?

अपनी चाय को स्वाद और सेहत से युक्त रखने के लिए 4- 5 मिनट तक ही उबालना चाहिए।

चाय को अधिक समय तक उबालने के हानिकारक प्रभाव

शरीर में आयरन और कैल्शियम की कमी

दूध वाली चाय को अधिक समय तक उबालने से इसमें टैनिन की मात्रा बढ़ जाती है, जो पोषक तत्वों के अवशोषण को बाधित करती है। इसके साथ ही अत्यधिक टैनिन वाली से शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, जिससे एनीमिया होने का डर रहता है।

चाय की एसिडिटी बढ़ जाती है

दूध वाली चाय को अधिक उबालने से इसका पीएच बदल जाता है, जिससे चाय ज्यादा एसीडिक हो जाती है।

कैंसर का खतरा

दूध वाली चाय को अधिक उबालने से कैंसरकारी पदार्थ एक्रीलामाइड पैदा हो जाता है, जो सेहत के लिए हानिकारक है।

पाचन संबंधी समस्याएं

अधिक उबली हुई दूध वाली चाय को पीने से एसिडिटी, पेट में दर्द और कब्ज जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है।

ब्लड प्रेशर बढ़ाता है

पहले से उबालकर रखी हुई चाय को और उबालने से इसमें टैनिन की मात्रा बढ़ जाती है, जो ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करती है।

बदला हुआ स्वाद

दूध वाली चाय को अधिक उबालने से इसका स्वाद बदल जाता है।

पोषक तत्वों की हानि

दूध वाली चाय को अधिक उबालने से दूध में मौजूद प्रोटीन, विटामिन डी और कैल्शियम जैसे कई पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।