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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 नवंबर 2022। “डॉक्टरों के प्रति समाज में श्रद्धा बनें व बढ़ें” के लिए चिकित्सा जैसे जटिल पेशे में निष्ठा व समर्पण से कार्य करने वाले कस्बे के प्रतिष्ठित व बीकानेर में पदस्थापित डॉक्टर नौरंगलाल महावर को मेडिकल कॉलेज बीकानेर का अतिरिक्त प्रधानाचार्य द्वितीय नियुक्त किया गया है। महावर के पिता मालाराम महावर ने बेटे की सफलता पर गर्व जताते हुए प्रसन्नता प्रकट की है। श्रीडूंगरगढ़ स्थित उनके घर में उत्साह का माहौल है और उनके दो ताऊओं सहित परिजन उन्हें शुभकामनाएं दे रहें है। क्षेत्र से उनके मित्र व जानकार भी उन्हें ये बड़ी व नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाइयां दे रहें है। बता देवें मेडिकल कॉलेज बीकानेर में एक प्रधानाचार्य के साथ चार अतिरिक्त प्रधानाचार्य की नियुक्ति की जाती है। मंगलवार शाम को संयुक्त शासन सचिव ने आदेश जारी कर डॉ. अनिता पारीक को अतिरिक्त प्रधानाचार्य प्रथम, डॉ. नौरंगलाल महावर को अतिरिक्त प्रधानाचार्य द्वितीय, डॉ. रेखा आचार्य को अतिरिक्त प्रधानाचार्य तृतीय तथा डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा को अतिरिक्त प्रधानाचार्य चतुर्थ नियुक्त किया गया है। डॉ. नौरंगलाल को 3000 मेडिकल विद्यार्थियों वाले महाविद्यालय में छात्रों के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मरीज व चिकित्सक के बीच विश्वास के रिश्ते बढ़ें- डॉ नौरंगलाल
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। डॉ नौरंगलाल ने श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स से विशेष बातचीत में बताया कि मेडिकल स्टूडेंट मरीज व चिकित्सक के बीच विश्वास के रिश्ते बढ़ सकें इस भाव के साथ अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सक को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है और डॉक्टर्स अगर संवेदनशीलता के भाव के साथ कार्य करेंगे तो आमजन में डॉक्टरों के प्रति श्रद्धा का भाव जरूर बढ़ सकेगा। आजकल के माहौल में ये जिम्मेदारी हर एक मेडिकल छात्र की है। डॉक्टर ने बताया कि 3000 विद्यार्थियों के महाविद्यालय में हॉस्टल की कमी है और नए हॉस्टल का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करवाना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की परिक्षाएं समय पर हो जिससे वे अपनी डिग्री समय पर पूरी कर आगे के कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि शेष सभी दायित्व जो इस पद के लिए दिए जाएंगे वे पूरी निष्ठा से उनका निर्वहन करेंगे।

लंबे अनुभव ने दिया है ये पद, 30 पेपर हुए पब्लिश, मिली प्रतिष्ठा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वर्तमान में पीबीएम अस्पताल में ब्लड बैंक के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत डॉ. नौरंगलाल की शिक्षा एमबीबीएस, एमडी पैथोलॉजी है। उनका शैक्षणिक अनुभव भी शानदार है और वे मेडिकल कॉलेज में 28 वर्षों से शिक्षण सेवाएं दे रहें है। मेडिकल जगत में कड़ी मेहनत से होने वाला कार्य जिसका अनेक मेडिकल छात्र व डॉक्टर स्वप्न देखते है वो है स्वयं के रिसर्च पेपर पब्लिश होना। डॉ. नौरंगलाल के करीब 30 नेशनल व इंटरनेशनल रिसर्च पेपर पब्लिश हुए है जो कठिन परिश्रम का पर्याय ही माना जाता है। उन्हें इसी कॉलेज में 15 वर्षों का प्रशासनिक कार्यों का अनुभव भी है। ऐसे में राज्य सरकार ने दक्ष हाथों में जिम्मेदारी सौंपी है जिससे छात्र व कॉलेज प्रशासन में प्रसन्नता की लहर है।