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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 मार्च 2021। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव मोमासर के प्रवासी नागरिक 65 वर्षीय संपत संचेती पुत्र स्वर्गीय पूनमचंद संचेती ने सेवा क्षेत्र में ऐसा कीर्तिमान रचा है की वेस्ट बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ व सिक्किम के राज्यपाल गंगाप्रसाद ने उन्हें सम्मानित किया है। एक दैनिक समाचार पत्र के भव्य कार्यक्रम में दोनों राज्यपालों ने संचेती को “आइकॉन ऑफ नार्थ बंगाल” का प्रतिष्ठित सम्मान दिया। बता देवें संचेती को ये सम्मान उनके द्वारा दी गई सामाजिक सेवाओं के लिए दिया गया है। ये सम्मान 65 वर्षीय चायपत्ती के व्यापारी संचेती सिलीगुड़ी को एक वृद्धाश्रम व दृष्टिहीन विद्यार्थियों के विद्यालय की देखरेख करने के लिए दिया गया है। संचेती ने कहा कि पैसा कमाना व उसे समाज कल्याण में लगाना ही सच्चे व्यापारी की पहचान है और हमारी संस्कृति तो भामाशाहों की संस्कृति है जो देश व समाज हित में सर्वस्व त्याग का जज्बा रखते है। उनके सम्मान की सूचना से जैन समाज व गांव मोमासर, श्रीडूंगरगढ़ में उत्साह का माहौल है। उपसरपंच व उनके अनुज जुगराज संचेती ने गांव की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी है। सरपंच सरिता देवी संचेती ने कहा कि संचेती परिवार सहित मोमासर व श्रीडूंगरगढ़ की धरा को अपने ऐसे सपूत पर गर्व है जिन्होंने वेस्ट बंगाल व सिक्किम तक क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बता देवें संपत संचेती गांव मोमासर में भी सामाजिक कार्यों में निरंतर भाग लेते है व अपना सहयोग देते है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। एक दैनिक समाचार पत्र के भव्य कार्यक्रम में वेस्ट बंगाल व सिक्किम के राज्यपालों द्वारा मोमासर प्रवासी संपत संचेती को “आइकॉन ऑफ़ नार्थ बंगाल” सम्मान दिया गया।