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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 अक्टूबर 2022। 1 अगस्त 2019 में दिल्ली में केंद्र सरकार ने ट्रिपल तलाक कानून लागू किया और 1 अगस्त 2021 को मुस्लिम महिला अधिकार दिवस भी मनाया। परंतु फिर भी कई लोग इसे नारी उत्पीड़न के लिए प्रयोग कर रहें है। श्रीडूंगरगढ़ शहर की बेटी आस्मीन पुत्री उमरदीन चुनगर निवासी बिग्गाबास का आशियाना दहेज के लिए उजड़ गया और तीन तलाक का निर्णय नहीं मानने पर पति ने उसे जान से मारने का प्रयास किया। आस्मिन का निकाह पांच वर्ष पूर्व अल्ताफ पुत्र यासीन चुनगर निवासी मोती मस्जिद, भादरजी कुआं के पास सरदारशहर, चुरू के साथ हुआ। आस्मिन ने पुलिस को बताया कि विवाह में उसके भाई व मां ने अपनी हैसियत से बढ़कर दहेज दिया परंतु पति अल्ताफ, सास जन्नत, ससुर यासीन, देवर शाकिर व देवरानी चायना के खिलाफ कम दहेज लाने के कारण शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया। पीड़िता ने बताया कि आरोपीगण एक मोटरसाइकिल व एक लाख रूपए नगद के लिए लगातार तंग परेशान कर रहें थे और पुत्री तन्नु के जन्म पर छुछक नहीं लाने पर शक्ल पसंद नहीं होने के ताने देते हुए पहने हुए कपड़ो में ही पीहर छोड गए। पीड़िता ने बताया कि जुलाई 2022 आरोपी यहां आए व दहेज की मांग को लेकर गाली गलौच व मारपीट करने लगे तो पुलिस को सूचना देते हुए मुकदमा दर्ज करवाया। मुकदमा दर्ज होने पर आराोपियों ने राजीनामा कर लिया और ससुराल ले गए। 23 सितंबर को देवर शाकिर अवैध रूप से कमरे घुस आया व लज्जा भंग करने की नियत से अश्लील हरकतें की। ये बात पति से कही तो पति ने कहा दहेज की मांग पूरी नहीं करेंगे तो यही होगा। सभी आरोपीगण पति को तलाक देने के लिए उकसाते थे तो पति ने मूंह से तीन बार तलाक तलाक तलाक कहा और पार्थिनी ने इसे मानने से इंकार कर दिया तो मुंह पर तकिया लगाकर जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि उसने बमुश्किल अपने भाई को सूचना दी तो भाई ने सरदारशहर पहुंच पर पुलिस थाना सरदारशहर की सहायता से आरोपियों के चंगुल से छुड़वाया। पीड़िता ने ट्रीपल तलाक एक्ट के साथ दहेज प्रताड़ना मे मामला दर्ज करवाया तथा पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है।