Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
00000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 मई 2025। अणुव्रत के माध्मय से वर्तमान आपाधापी के युग का मानव, संवेदनाओं, प्राणी मात्र के लिए परोपकार के भाव वाला वास्तविक मानव बने यह प्रयास अणुव्रत विश्व भारती के माध्यम से आचार्यश्री महाश्रमण के सानिध्य में लगातार किया जा रहा है, और अणुविभा के इस प्रयास में श्रीडूंगरगढ़ अणुव्रत समिति भी समिति अध्यक्ष सुमति पारख की अगुवाई में बढ़ चढ़ कर भाग ले रही है। अणुव्रत के सिद्धांतों का जन जन में प्रसार करने के लिए प्रतिवर्ष आयोजित करवाई जाने वाली अणुव्रत प्रबोधन प्रतियोगिता के इस वर्ष का आगाज हो चुका है। गुरूवार को स्थानीय तेरापंथ सेवाकेन्द्र में प्रतियोगिता का बैनर एवं पुस्तक का लोकार्पण किया गया। साध्वीश्री संगीतश्री एवं साध्वीश्री परमप्रभा के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बैनर का विमोचन संस्थाध्यक्ष सुमति कुमार पारख, उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, मंत्री एडवोकेट रणवीरसिंह खीची, प्रचार मंत्री अशोक झाकब, संरक्षक तुलसीराम चौरडिया ने किया एवं प्रतियोगिता की आधार पुस्तक एवं प्रश्न पुस्तिका की प्रथम प्रति साध्वीश्री को अर्पित की। इस मौके पर साध्वीश्री संगीतश्री ने प्रेरणा पाथेय देते हुए इस प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने समय का सदुपयोग करने एवं पुस्तक का स्वाध्याय कर अणुव्रत के सिद्धांतों को जीवन में उतारने को कहा। प्रतियोगिता प्रभारी पवन सेठिया ने बताया कि प्रतियोगिता की आधार पुस्तक आचार्यश्री महाप्रज्ञ द्वारा लिखित अणुव्रत: नैतिकता का शंखनाद है, वहीं प्रश्न पुस्तिका में दस विभिन्न शैली के कुल 200 प्रश्न होगें। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पुस्तक का स्वाध्याय कर प्रश्न पुस्तिका भर कर भेजने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2025 है। संस्था मंत्री रणवीरसिंह खीची ने बताया कि कस्बे के निवासी एवं सिलीगुड़ी प्रवासी विजयसिंह सुमति कुमार पारख परिवार द्वारा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को 150 रुपए के मुल्य की आधार पुस्तक एवं प्रश्न पुस्तिका निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता के प्रथम तीन विजेताओं को क्रमश: 31, 21, 11 हजार रुपए का नकद पुरस्कार एवं सौ संभागियों को स्वाध्याय पुरस्कार के रूप में 2-2 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।