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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 अगस्त 2024। सुखमय बुढ़ापे के लिए चित्त समाधी का होना आवश्यक है कि इसी मार्ग को प्रशस्त करने के लिए रविवार को क्षेत्र के गांव मोमासर के तेरापंथ भवन में साध्वी संघप्रभा के सानिध्य में कैसे हो सुखमय बुढ़ापा विषय पर चित्त समाधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। चंपालाल बैंगानी की भिक्षु स्तुति से शुरू कार्यक्रम में साध्वीश्री ने बुढ़ापे को उम्र की डाली का वह पका हुआ फल बताया जिसमें अनुभवों की मिठास और सम्यक चिंतन की सुवास व्याप्त है। बुढ़ापे में व्यक्ति न केवल स्वयं अपितु पूरे परिपार्श्व को आनंदित कर सकता है बशर्ते वो आसन प्राणायाम, ध्यान व योगमय जीवन शैली अपनाए। साध्वीश्री ने सुखमय बुढापे के लिए आग्रह संयम, आहार संयम, इंद्रिय संयम, तनाव मुक्ति तथा निषेधक विचार संयम करना सीखने को कहा। साध्वी विधिप्रभा ने बुढ़ापे को पुन: यौवन के रूप में कैसे बिताया जाए इस संबध में प्रयोग करवाए एवं टिप्स बताते हुए संस्मरण सुनाए। महिला मंडल द्वारा अरे बुढ़ापा कोई लेवे तो तने बेच दूं शीर्षक गीतिका संगान किया गया।  कार्यक्रम में तेरापंथी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक पटावरी, सुरेंद्र  संचेती, गुमानमल सेठिया, पुष्पा देवी पटावरी आदि वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन साध्वी प्रांशुप्रभा ने किया एवं कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक, श्राविकाओं व ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कार्यक्रम में महिला मंडल ने प्रस्तुत की गई गीतिका।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रवचन देती साध्वी संघप्रभा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद रही महिलाएं।