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October 15, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 जुलाई 2021। अंतरराष्ट्रीय सम्मान “लैंड फ़ॉर लाइफ” हासिल करने के बाद डॉ. श्याम सुंदर ज्याणी आज श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव लखासर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें बधाईयां देते हुए स्वागत किया। ज्याणी ने पारिवारिक वानिकी समझाते हुए ग्रामीणों से कहा कि पौधे लगा कर फोटो खिंचवाना ही पौधारोपण नहीं है बल्कि प्रकृति की सेवा का सबसे बड़ा धर्म निभाने के लिए उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी निभाना ही पौधारोपण का सार है। कार्यक्रम में शामिल पुरुषों व बड़ी संख्या गांव की महिलाओं ने भी आगामी वर्षों में गांव को हरा भरा करने का बीड़ा उठाया। गांव के बुजुर्ग, युवा, महिलाओं ने गांव में आज तीनों श्मशान भूमि तथा सभी सार्वजनिक स्थलों पर 650 पौधे लगाए व इनका संरक्षण करने का संकल्प भी लिया। गांव की सभी जातियों ने पूरे राजस्थान में हरित गांव लखासर का साझा स्वप्न देखा है व उसे फलित करने में जुट गए है। सरपंच चंदा देवी ने ग्रामीणों से गांव को हरा भरा करने की जिम्मेदारी उठाने का आग्रह किया। संरपच प्रतिनिधि गोवर्धन खिलेरी ने भी पर्यावरण का महत्व समझाया व पौधरोपण को बढ़ावा देने की बात कही। ज्याणी का स्वागत सरपंच सहित मोहन सिंह देवड़ा, धन्ने सिंह ने किया। समाजसेवी सांवतराम खिलेरी, उपसरपंच सज्जन सिंह भी उपस्थित रहें तथा कार्यक्रम के आयोजक व गांव में लंबे समय से पर्यावरण के लिए कर्मशील रहें शिशपाल खिलेरी ने ज्याणी सहित सभी ग्रामीणों का आभार प्रकट किया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्रामीणों ने डॉ. श्याम सुंदर ज्याणी की पारिवारिक वानिकी को सुना व समझा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हरित गांव लखासर का संकल्प लिया गांव की सभी जातियों के पुरूषों व महिलाओं ने।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव में आज सभी सार्वजनिक स्थलों पर पौधरोपण किया गया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ज्याणी ने सबसे बड़ा धर्म प्रकृति सेवा को बताया, व फोटो खिंचवाने के लिए नहीं वरन आने वाले कल को सुरक्षित करने के लिए पौधरोपण करने की बात कही।