Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
000000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

1 अप्रैल 2025
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा श्रीडूंगरगढ़ अंचल से प्रमुख अखबारों में उठाई जाने वाली खास खबरों का प्रकाशन भी जनहित में किया जाएगा। टाइम्स का उद्देश्य है कि ऐसी खबरें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और क्षेत्र में जन जागृति आए। जिससे जनहित के मुद्दे केवल मुद्दे ही बनकर ना रहें और ये समस्याएं जन जन की आवाज बन सकें। इस कॉलम का शुभारंभ आज राजस्थान पत्रिका के श्रीडूंगरगढ़ संवाददाता संजय पारीक की विशेष रिपोर्ट के प्रकाशन के साथ ही किया जा रहा है। इसे जरूर पढें और इस पर चिंतन करते हुए लोगों तक जरूर पहुंचाए।

मामूली कहासुनी सुनी के बाद नशे में बहाया अपनों का खून।

वर्तमान समय में युवाओ में नशे की प्रवृति बढ़ रही है और युवा वर्ग अलग-अलग प्रकार के नशे के जाल में फंसता जा रहा है। नशे के कारण होने वाले अपराधों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। नशे के कारण होने वाले अपराधों और दुघर्टनाओ की खबरे आए दिन सुर्खिया बनी रहती है। नशेड़ी लोग मारपीट, छीना-झपटी जैसे अपराधों के साथ हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने से भी नहीं चूक रहे। नशा सामाजिक बुराई होने के साथ ही लोगों को अपराधी भी बना रहा है। हालांकि पुलिस और प्रशासन की तरफ से लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ एक्शन लेते हुए कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नशे से दूर रहने के लिए आमजन को जागरुक भी किया जा रहा है। लेकिन फिर भी नशे की हालात में होने वाली वारदातों की संख्या बढ़ी है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में भी शराब के नशे में हुए अपराधों के आंकड़े चोंकाने वाले है। अगर क्षेत्र में हाल ही में हुई हत्या की वारदातो की बात की जाए तो पुलिस अनुसंधान में चोंकाने वाला यह तथ्य सामने आए कि मामूली कहा-सुनी के बाद शराब के नशे में रिश्तों का खून कर दिया। इन दिनों थाना क्षेत्र में हुई अधिकतर हत्या की वारदातें शराब के नशे में की गई है। शराब के नशे में भाई ने भाई की,पति ने पत्नी की और दामाद ने अपने ससुर की हत्या कर दी।

शराब के नशे में हत्याओं का आंकड़ा चोंकाने वाला
केस संख्या-1…
गांव कल्याणसर नया में 31 दिसम्बर 2020 की रात्रि में
ओमप्रकाश मेघवाल ने शराब के नशे में अपनी पत्नी विमला की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के समय आरोपी ने इतनी शराब पी रखी थी कि हत्या के बाद वह रात भर अपनी पत्नी के शव के पास सोया रहा।

केस संख्या-2..
गांव धोलिया में 10 सितंबर 2024 की रात्रि में राजूराम नायक ने शराब के नशे में अपनी पत्नी अनिता की निर्मम हत्या कर दी।

केस संख्या-3..
गांव सुरजनसर में 11 अक्टूबर 2022 को भतीजो ने अपने चाचा नानूराम जाट की हत्या कर दी। आरोपी भतीजे लालचंद जाट ने पहले खेत में अपने चाचा के साथ शराब पी और मामूली कहासुनी के बाद चाचा नानूराम की हत्या कर दी।

केस संख्या-4..
25 अगस्त 2023 को रात्रि में आरोपी पवन कुमार निवासी हिसार ने शराब के नशे में अपने भतीजे सुशील कुमार की हत्या कर दी। दोनो एक ट्रक में सवार थे और मामूली कहासुनी के बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। ट्रक में भतीजे की हत्या के बाद आरोपी चाचा ने ट्रक में आग लगा दी और शव को जिंदा जला दिया। डीएनए से मृतक की पहचान की गई।

केस संख्या-5..
गांव बरजांगसर में 22 मई 2023 को दामाद गोपालनाथ ने शराब के नशे में अपने 80 वर्षीय बुजुर्ग ससुर जिरामनाथ सिद्ध की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। जबकि बेटी और दामाद मृतक के पास ही रहते थे।

केस संख्या-6..
वर्ष 2023 में गांव धीरदेसर चोटियां में को भाई ने भाई की हत्या कर दी। आरोपी उमाराम मेघवाल शराब पीकर लड़ाई-झगड़ा कर रहा था तो उसका भाई पेमाराम उसे समझाने गया। इस दौरान आरोपी उमाराम ने अपने भाई पेमाराम की गला घोंटकर हत्या कर दी।

केस संख्या-7..
26 मई 2023 को धीरदेसर चोटियां के खेत में गोमन्दराम मेघवाल की आरोपी भतीजे बीरबलराम व चचेरे भाई रावताराम मेघवाल ने शराब के नशे में लाठियों से पीट-पीट कर हत्या कर दी।
केस संख्या-8..
गांव रिड़ी में 29 नवम्बर 2024 को धनतेरस के दिन देवाराम भार्गव की उसके भतीजे करण व जितेंद्र ने लाठी व कुल्हाड़ी से वार करके हत्या कर दी।

केस संख्या-9..
19 नवम्बर 2024 को गांव पुन्दलसर में संतोष नायक के साथ आरोपी दुर्गाराम जाट ने शराब के नशे में मारपीट की। संतोष की इलाज के दौरान मौत हो गई।

केस संख्या-10..
22 मार्च 2025 को ठुकरियासर निवासी मालाराम पुत्र खेताराम जाट की उसके भतीजे रामनिवास व बाबूलाल पुत्र ओमप्रकाश जाट ओर भाणजी जवाई नवरतन पुत्र रणवीरसिंह जाट निवासी लाछड़सर ने शराब के नशे हत्या कर दी। आरोपियों ने वारदात के बाद शव को तौलियासर पास सातलेरा कच्चे मार्ग पर लाकर पटका।

शराब का नशे में रिश्तों का कत्ल
सभी 10 घटनाओं में मुख्य कारण शराब का नशा रहा। मामूली कहासुनी के बाद शराब के नशे में हत्या जैसी संगीन वारदात को अंजाम दे दिया गया। हैरानी वाली तो तो यह है कि इनमें अधिकतर ब्लाइंट मर्डर थे। लेकिन पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए शीघ्रता से मामलों का पर्दाफाश करके आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी प्रकरणों के अनुसंधान में एसएचओ रीडर लेखराम की सक्रिय भूमिका रही।

नशे ने उजाड़े परिवार,बच्चे अनाथ
यह महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि समाज को बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर भी कर रहा है। इन हत्या के घटनाओ के बाद पीड़ितों के परिवार उजड़ गए और कई मासूम बच्चे अनाथ हो गए। किसी ने बच्चे के सिर से पिता तो किसी के सिर से मां का साया उठ गया। किसी घर का मुखिया चला गया। इसलिए युवाओ सहित जिम्मेदारों को नशे के खिलाफ जागरूक होने की आवश्यकता है।

इनका कहना है
“नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे है और सीएलजी बैठक के दौरान भी आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताकर किसी भी प्रकार की नशे की प्रवृति से दूर रहने की अपील की जाती है।“-निकेत पारीक, सीओ श्रीडूंगरगढ़।

“नशे के खिलाफ कार्रवाई जारी है और हाल ही में अफीम,डोडा-पोस्त आदि मादक पदार्थो के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है। नशे के खिलाफ मुहिम में आमजन भी पुलिस का सहयोग करे और नशा बिक्री की सूचना दे। हम कार्रवाई करेंगे।“– जितेंद्र स्वामी, थानाधिकारी श्रीडूंगरगढ़।