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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 जून 2024। लोकसभा चुनावों के बाद अब राज्य भर में स्थानांतरण का दौर प्रारंभ होने की चर्चाएं आम है। अब इस दौर में गत सरकार के समय से एक ही जगह पर जमे उनके विश्वास पात्र कार्मिकों को इधर-उधर करने की चर्चाओं का भी जोर पर है। इन चर्चाओं के बीच श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक लिस्ट वायरल हो रही है। जिसमें श्रीडूंगरगढ़ विधायक द्वारा क्षेत्र में तैनात 25 कार्मिकों पर गत विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी को हराने के लिए विधि विरूद्ध बाधा उत्पन्न करने, कांग्रेस सरकार के दबाव में गैर कानूनी रूप से कार्य करने की बात कहते हुए बीकानेर संभाग से बाहर स्थानांतरण करने की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। हालांकि यह लिस्ट 6 फरवरी 2024 की है और इस लिस्ट की दिनांक के बाद क्षेत्र में कई तबादले भी हुए है लेकिन शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग के तबादले अभी बाकी है। अब तबादलों का सीजन शुरू होने वाला है तो यह लिस्ट भी पुन: चर्चाओं में छा रही है। इस वायरल लिस्ट पर क्रमांक नम्बर तो लिखे हुए है लेकिन नीचे श्रीडूंगरगढ़ विधायक के हस्ताक्षर भी नहीं है व ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स इस वायरल लिस्ट की पुष्टि नहीं करता है। वहीं दूसरी और श्रीडूंगरगढ़ विधायक ने भी इस लिस्ट को फर्जी बताया है। विधायक द्वारा लिस्ट के फर्जी होने के दावे के बाद भी  इस लिस्ट में शामिल 43 नामों में से 20 के खिलाफ स्थानांतरण, एपीओ की कार्रवाही हो गई है एवं अब पुन: स्थानांतरणों का दौर शुरू होना है तो यह लिस्ट अब खासी चर्चीत हो रही है।  आप भी देखें लिस्ट और जानें पूरी खबर।
कुछ गए, कुछ बाकी, कुछ ने लिया स्टे का सहारा, दो एपीओ भी हुए।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सोशल मीडिया पर वायरल इस लिस्ट को भले ही श्रीडूंगरगढ़ विधायक द्वारा फर्जी बताया जा रहा है लेकिन इस लिस्ट में शामिल क्षेत्र में कई अधिकारियों एवं विद्युत विभाग के कार्मिकों, अधिकारियों के तबादले कर दिए गए थे और शिक्षा विभाग एवं चिकित्सा विभाग के तबादले बाकी है। वहीं कई कार्मिक ऐसे भी है जिन्होंने तबादलों पर स्टे लेकर अपनी मौजूदगी क्षेत्र में ही रख ली है। वहीं इस लिस्ट में शामिल चिकित्सा विभाग के दो कार्मिकों को तो इस लिस्ट के बाद में ही एपीओ कर दिया गया है।
ये गए, ये डटे, अब इनकी बारी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लिस्ट में शामिल 43 नामों में से 20 के खिलाफ एपीओ या स्थानांतरण की कार्रवाही हो चुकी है। तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी मुकेश चौधरी, तत्कालीन सीओ गोमाराम जाट, विद्युत निगम एक्सईएन भूराराम जाट व विद्युत निगम के जोनल चीफ कार्यालय में तैनात सहायक प्रशासनिक अधिकारी गोपाल जाट ने तो अपना स्थानांतरण स्वीकार कर लिया और स्थानांतरण किए गए जगह पर जाकर ज्वाईन भी कर ली। इसी प्रकार पुलिस विभाग में किए गए कई स्थानांतरण भी कार्मिकों ने स्वीकार कर लिए। वहीं विद्युत विभाग द्वारा स्थानांतरित किए गए सहायक अभियंता ऊपनी नरेन्द्र सोनगरा, सहायक अभियंता द्वितीय राजेश मीणा, कनिष्ठ अभियंता अश्वनि गुर्जर, टेक्निकल हेल्पर रोहिताश मीणा ने अपने स्थानांतरण पर स्टे ले लिया था एवं कनिष्ठ अभियंता नारायण शुक्ला के तो स्थानांतरण आर्डर में ही खामी रहने से वह अभी तक यहीं पर डटे हुए है। इस लिस्ट में शामिल बिजली विभाग के 8 कार्मिकों में से 2 का स्थानातरंण हो गया एवं 4 ने स्टे ले रखा है, एक के आर्डर में तकनीकी खामी रही वहीं एक का नाम अभी तक स्थानांतरण में नहीं आया है।
चिकित्सा विभाग और शिक्षा विभाग में यह लिस्ट में।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस लिस्ट में चिकित्सा विभाग के जगदीश गोदारा, राजूराम गोदारा, सुनीता बुडानियां, विजय सिहाग, बजरंगलाल मारोठिया, जसवंत सिंह शामिल है। इनमें से डाक्टर जगदीश गोदारा एवं ब्लाक सीएमएचओ जसवंत सिंह को एपीओ कर दिया गया व डाक्टर जगदीश गोदारा एपीओ आदेश पर स्टे लेकर यहीं डटे हुए है। इसी प्रकार इस लिस्ट में शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्य शिवरतन गोदारा, भंवरलाल जानूं, अन्नाराम सेरडिया, पुखराज भार्गव, व्याख्याता ओमप्रकाश सारण, अध्यापक हेतराम जाखड़, सुशील कुमार सेरडिया, किशनलाल सांखला, का नाम शामिल है।
चर्चित रही थी राठौड़ की लिस्ट, वायरल होने के बाद हुआ था जम कर विरोध।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विदित रहे कि विधानसभा चुनावों के बाद ऐसी ही एक लिस्ट तारानगर से विधानसभा चुनावों में हारने के बाद पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री को दी थी एवं उस लिस्ट के आधार पर तारानगर में कई तबादले भी हुए थे। लेकिन बाद में लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लिस्ट में जाति विशेष को टारगेट करने का आरोप लगा तो खूब हंगामा भी हुआ। बाद में मुख्यमंत्री ने स्वंय समीक्षा बैठक में तारानगर में हुए कई स्थानांतरणों को रद्द भी किया था। अब श्रीडूंगरगढ़ विधायक की भी यह वायरल लिस्ट सोशल मीडिया पर खासी सुर्खियां बटोर रही है एवं इस लिस्ट में भी जाति विशेष को टारगेट करने का आरोप सोशल मीडिया पर लग रहा है।

“वायरल हो रही इस लिस्ट से मेरा कोई लेना देना नहीं है, ये किसी ने लेटरपेड कबाड़ कर मनमर्जी से नाम लिख लिए है। हमनें ऐसी कोई लिस्ट नहीं दी है और ना ही किसी के खिलाफ किसी प्रकार की द्वेष भावना से काम किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य श्रीडूंगरगढ़ का विकास है और उसके लिए ही सम्पूर्ण प्रयास समर्पित है”- विधायक ताराचंद सारस्वत।

श्रीडूंगरगढ़ विधायक प्रशासनिक अमले का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए करने पर उतारू हो गए है, यह तुगलकी लिस्ट जाति विशेष के कार्मिकों को टारगेट कर बनाई गई है एवं इसके माध्यम से विधायक आगामी पंचायती राज चुनावों में प्रशासन को अपने पक्ष में चलाना चाह रहे है। क्षेत्र का युवा यह कतई बरदाश्त नहीं करेगा – विवेक माचरा, युवा नेता श्रीडूंगरगढ़।