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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 मई 2026। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के फेसबुक पेज पर एक लाख फॉलोवर पूरे हो जाने पर टाइम्स द्वारा जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रत्येक रविवार को विशेष कवरेज शुरू की जा रही है। जिसमें टाइम्स के विशेष संवाददाता अशोक पारीक सभी पाठकों के समक्ष खोज-परक खबरें प्रस्तुत करेगें। इसी पहल में प्रस्तुत है 10 मई रविवार को यह विशेष खबर।
बेपरवाह जिंदगी, बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा, पुलिस ने की रिकार्ड कार्रवाई, जुटाया भरपूर राजस्व।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ शहर की भौगोलिक बसावट ऐसी है कि यह कस्बा तीन स्टेट हाईवे, एक नेशनल हाईवे के केन्द्र में बसा हुआ है। इसका लाभ क्षेत्रवासियों को जहां यातायात के साधनों की भरपूर उपलब्धता के रूप में हुआ है, तो साथ ही बड़ा नुकसान यहां इन सड़कों पर होने वाले हादसों में युवा जिदंगियां खोने का हो रहा है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए सरकार द्वारा यहां तीन वर्ष पूर्व ट्रोमा सेंटर बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन स्थानीय राजनीति और व्यक्तिगत लाभों के टकराव में ट्रोमा सेंटर फाईलों में दब कर रह गया है। ऐसे में लगातार बढ़ रहें सड़क हादसों में मौतों के आंकड़ों को देखते हुए आवश्यकता है कि क्षेत्र के आमजन स्वंय की एवं अपने परिजनों की सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करें।
हेलमेट के अभाव में दम तोड़ती जिंदगियां।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ शहर मुख्यालय से गांवों के बीच प्रतिदिन हजारों लोग अपने दुपहिया वाहनों पर सफर करते है। क्षेत्र के युवाओं की पहली पसंद भी मोटरसाईकिल ही बनी हुई है। ऐसे में हादसों के दौरान सर्वाधिक प्रभावित भी यही वाहन वर्ग हो रहा है। गत दिनों हुए हादसों में यही ट्रेंड देखने को मिला है, कि मोटरसाईकिल सवार युवाओं के अगर हेलमेट पहना होता तो जानें बच जाती।
पुलिस ने की रिकार्ड कार्रवाई, जुटाया भरपूर राजस्व।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र में ट्रोमा सेंटर के बनने में हो रही देरी के बीच इस वर्ष एक खबर यह राहत भरी रही कि इस वर्ष की शुरूआत के साथ ही पुलिस सड़क सुरक्षा संबंधी सख्त रूख अपनाती दिखी है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के शुरूआती तीन महीनों में श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने रिकार्ड कार्रवाई की है और राजस्व भी भरपूर जुटाया है। गत 2025 के पूरे वर्ष में पुलिस ने सड़क सुरक्षा संबधी 4821 चालान काटे थे, जबकि इस वर्ष शुरूआती तीन महीनों में ही पुलिस ने 3,202 चालान काट दिए है। पुलिस ने इस वर्ष के शुरूआती तीन माह में हेलमेट नहीं पहनने पर 635, सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 198, शराब पीकर वाहन चलाने में 72 चालान काटे है, एवं 22 लाईसेंस निलंबित करवाने की कार्रवाई की है। अन्य चालान नेशनल हाईवे एवं शहर के मध्य मुख्य सड़कों पर नो-पार्किंग के काटे गए है। गत वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो 6 लाईसेंस ही निलंबित करने की कार्रवाई हुई थी। इन चालानों से श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने राजस्व भी अच्छा खासा जुटाया है एवं आमजन भी चालान भरने के बाद लगी रूपयों की चपत के कारण एक हद तक यातायात नियमों की पालना में जुट रहें है।
सख्ती का असर, हादसे बढ़ने पर भी कम हुई मौतें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वर्ष 2026 में सड़क सुरक्षा नियमों की पालना के लिए श्रीडूंगरगढ़ पुलिस द्वारा की गई सख्ती का असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। यहां शुरूआती तीन महीनों में गत वर्ष 11 सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 11 लोगों की मौतें हुई थी एवं 5 जनें घायल हुए थे। यानी कि सड़क हादसों में प्रभावित कुल 16 लोगों में से 11 की मौतें हो गई। वहीं इस वर्ष हादसों की संख्या तो बढ़ गई, यहां शुरूआती तीन महीनों में 13 हादसे हुए है लेकिन मौतों का आंकड़ा तीन का रहा है। इस वर्ष 13 हादसों में 3 मौतों के साथ 12 जने घायल हुए है। इसका अर्थ ये हुआ कि कुल 15 प्रभावितों में तीन की मौत एवं 12 घायल रहे है। इन आंकड़ों को देखते हुए क्षेत्र के प्रबुद्धजन पुलिस प्रशासन से सड़क सुरक्षा नियमों की पालना और अधिक सख्ती के साथ करवाने की अपील कर रहे है।
आमजन स्वंय समझें अपने जीवन का मोल- कश्यपसिंह
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस संबध में श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी कश्यपसिंह राघव का कहना है कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में सड़क हादसों में हताहतों की संख्या को देखते हुए मेरी पदस्थापना के साथ ही ऐसा प्रयास किया गया कि पुलिसिंग केवल हादसों के बाद दोषी ड्राईवरों को न्यायालय तक पहुंचाने तक सिमित न रहें, बल्कि हादसें हो ही नहीं और हो भी जाएं तो हताहतों की संख्या कम रहें, ऐसी प्रभावी रोकथाम वाली पुलिसिंग हो। लेकिन पुलिस केवल समझा सकती है, चालान काट सकती है, वास्तविक प्रभाव तो तभी पड़ेगा जब आमजन स्वंय अपनी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होगा एवं सीट बेल्ट, हेलमेट, नो-पार्किंग, ओवरस्पीड नहीं करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने जैसे सामान्य नियमों को आत्मसात करेगें। जरूरत है कि इस संबध में प्रत्येक घर में परिजन संकल्पबद्ध हों एवं अपने परिजनों को वाहन चलाने से पहले इन नियमों की पालना जरूर करवाएं। साथ ही क्षेत्रवासियों को यह चेतावनी भी है कि नियमों की पालना नहीं करने पर सख्त कार्यवाई लगातार की जाती रहेगी। आमजन से अपील कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी व दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।