Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
00
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 मार्च 2023। श्रीडूंगरगढ़ के 400 से अधिक श्यामभक्तों ने उत्साह ओर बाबा श्याम के जयकारों के साथ 11 घंटे 21 मिनिट तक लगातार दौड़ लगाई और श्रीडूंगरगढ़ के उत्तरी छोर पर स्थित श्याम धोरा मंदिर से खाटू श्याम के दरबार तक डाक ध्वजा पहुंचाई। यह डाक ध्वजा यात्रा 17 मार्च को 3 बजे रवाना हुई थी एवं देर रात को बाबा के धोक लगा कर 721 ग्राम की चांदी की ध्वजा एवं क्षेत्रवासियों द्वारा इस ध्वजा के बांध कर भेजी गई प्रार्थनाओं की डाक बाबा तक पहुंचाई गई। श्याम धोरा से शुरू हुई यात्रा जैसे जैसे आगे बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या एवं जोश दोनों बढ़ते गए एवं 200 श्यामभक्तों की टोली बाबा के दरबार तक पहुंचते पहुंचते 400 की संख्या को पार कर गई। यात्रा के दिनेश करनाणी ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान सभी भक्तों में जोरदार उत्साह बना रहा एवं सभी ने जयकारों के साथ यात्रा को पूर्ण किया है। श्रद्धालुओं ने गुलाब के फूल भी बाबा को चढ़ाए एवं करीब 195 किलोमीटर की पूरी यात्रा के दौरान अनेकों जगहों पर दौड़ते हुए श्याम डाकियों का स्वागत व अभिनंदन किया गया। वहीं दूसरी और कस्बे के आडसर बास श्यामजी मंदिर से भी आगामी 26 मार्च अंतिम रविवार को बाबा को डाक ध्वजा भेजी जाएगी एवं इसमें शामिल होने के लिए भी युवाओं, श्यामभक्तों में जोरदार उत्साह है। इस डाक ध्वजा यात्रा की तैयारियों में भी श्याम भक्तों की टोली जुटी हुई है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्याम धाम पर पहुंची श्रीडूंगरगढ़ से 721 ग्राम की चांदी की डाक ध्वजा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ से दौड़ते पहुंचें श्रृद्धालूओं ने किए बाबा के दर्शन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खाटू नगरी में प्रवेश द्वार पर उत्साहित श्रीडूंगरगढ़ से दौडते गए श्याम भक्त।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ से दौड़ते पहुंचें श्रृद्धालूओं ने किए बाबा के दर्शन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। युवाओं ने बाबा को चढ़ाए गुलाब के पुष्प।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। देर रात तक रास्ते में खडे रहे स्वागतकर्ता, दौडते डाकध्वजा धारियों का किया स्वागत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। युवाओं की टोलियों ने लिया डाक ध्वजा यात्रा का जमकर आंनद।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ से गए श्रृद्धालूओं ने चढ़ाई खाटू श्याम को स्वामणी।