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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 फरवरी 2023। सनातन श्मशान भूमि प्रांगण में आयोजित रामकथा के पांचवें दिन आज पांडाल में सीता स्वयंवर की सुदंर कथा के साथ झांकी सजाई गई। कथावाचक संतोष सागर ने कहा कि जनक के द्वारा आयोजित सीता स्वयंवर हेतु बनाए विवाह मण्डप में राम के प्रवेश पर सब उपस्थित जनों ने अपनी भावना के अनुरूप भगवान के दर्शन किए। जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। रामजी का चरित्र हमें सहजता और शालीनता की सीख देता है। स्वयंवर में रामजी तनिक भी व्यग्रता और उग्रता का प्रदर्शन नहीं करते हैं। वे सदैव मर्यादा में रहते हैं। रामजी की विशेषता है कि वे गुरुजन का स्मरण किए बिना कोई कार्य नहीं करते हैं। आज की कथा के मुख्य यजमान पूनमचंद दीपिका कड़ेल रहें। बड़ी संख्या में रामभक्त कथा में भाग ले रहें है। बता देवें गौमाता भंडारा गौशाला समिति द्वारा गौसेवार्थ शिवरात्रि के अवसर पर अनेक वर्षों से सप्त दिवसीय धार्मिक कथा का आयोजन सनातन श्मशान गृह मे करवाया जा रहा है।