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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 फरवरी 2023। “घायल की गति घायल जाने” ये पीड़ा आज चरितार्थ हो रही है शुक्रवार शाम हुई सड़क दुर्घटना के बाद। गांव बाना, रिड़ी, कल्याणसर नया सहित 40 से अधिक गांवो के ग्रामीणों ने बीदासर रेलवे फाटक पर जीवन से संघर्ष करते हुए किसी अपने को खोया या बाल बाल बचाया हो। इस घटना के बाद एक बार फिर फाटक का दंश क्षेत्रवासियों को साल रहा है। ये राजनीति का नहीं जनता की पीड़ा का सवाल बन गया है और लोग यही कह रहें है कि घायल की गति घायल जाने। रेलवे फाटक के उस ओर के सैंकड़ो ग्रामीण इस फाटक की वजह से कई बार जीवन से संघर्ष हार कर असमय काल का ग्रास बन जाते है। कल्याणसर नया निवासी युवा शिक्षक सांवरमल नायक की मौत में भी ये फाटक सहयोगी बना है। दुर्घटना बाना के पास हुई और आपणो गांव सेवा समिति की एम्बुलेंस श्रीडूंगरगढ़ से रवाना हुई तो फाटक बंद मिला। यहां से निकलने में करीब 7 से 8 मिनिट की देरी हुई। हालांकि लोगों ने एम्बुलेंस को पहले निकलने के लिए स्थान दिया फिर ट्रैफिक की अधिकता भी एक व्यवधान बना। फाटक के पास ही धरने पर बैठे युवा नेता विवेक माचरा व पूनमचंद नैण भी एंबुलेंस को देखकर फाटक की ओर दौड़ पड़े। आक्रोश प्रकट करते हुए सड़क दुर्घटना में घायल की जान बचाने के लिए फाटक खोलने की मांग की। कर्मचारी ने ट्रेन के निकलते ही फाटक खोला परंतु ये 8-9 मिनिट की देरी सांवरमल की जान पर भारी पड़ी। सांवरमल ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया तो सेवा समिति के सेवादारों ने भी इस देरी पर क्षोभ प्रकट किया। कांग्रेसी नेता केसराराम गोदारा अस्पताल पहुंचे और घटना पर चिंता जताते हुए शोक प्रकट किया। क्या 9 मिनिट पूर्व पहुंचने पर सांवरमल को बचाया जा सकता था.? के सवाल पर एक चुप्पी के बाद समिति के मदन सोनी ने बताया कि जीवन और मौत ईश्वर के हाथ है परंतु दुर्घटना में संभावना है कि समय पर ईलाज से जान बचाई जा सकती थी।
जार जार रोए विद्यार्थी, परिजनों का हाल बेहाल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सांवरमल की सकारात्मक छवि उनके सहयोगियों व बच्चों के मनों में अंकित है। आज सुबह विद्यार्थी शहीद हेतराम गोदारा राउमावि सोनियासर गोदारान पहुंचे तो प्रार्थना सभा में सांवरमल की मौत की सूचना देते हुए स्टाफ ने हेलमेट ना केवल पहनने उसका बेल्ट भी बांधने की बात विद्यार्थियों से कही। सांवरमल की मृत्यु की खबर सुन कर अनेक विद्यार्की जार जार रोए और अनेकों की आंखे नम हो गई। शव का पोस्टमार्टम कर सवा बारह बजे परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। आज जवान पुत्र को कंधा दे रहें पिता का बोझ कोई क्या समझे और गांव से प्राप्त सूचना के अनुसार मृतक के घर हाल बेहाल है और शोक का कोहराम मचा है। https://fb.watch/itLZQ8ybEz/?mibextid=6aamW6