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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 सितंबर 2022। बिजली और लंपी के कहर से क्षेत्र के किसान आहत है और आज क्षेत्र के अनेक गांवो से एकत्र किसानों ने बिजली की मांग और लंपी पीड़ित की मदद की दरख्वास्त लेकर 8 घंटे तक धरने पर बैठे रहें। इन किसानों की आंखों में पानी था और रोटी पानी छूट जाने की बात कह कर ये दिनभर भूख प्यासे बिजली की मांगते रहें। किसानों ने एकस्वर में खेत में खड़ी मूंगफली की फसल जलने की बात कहते हुए 6 घंटे पूरी बिजली मांगी। किसानों का आरोप था कि विभाग 6 घंटे आपूर्ति तो दूर 4 घंटे भी बिजली नहीं दे रहा है और 1 घंटे में भी कई कई बार ट्रिपिंग होती है जिससे मोटर पानी ही नहीं उठा पाती है। किसानों ने समय पर ट्रान्सफार्मर नहीं बदलने, पूरी बिजली नहीं मिलने, लंपी में लापरवाही बरते जाने के आरोप लगाएं है।

ऐसे चला घटनाक्रम, एक ही मांग, बिजली दो साहब।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस घेराव में जाखासर, ऊपनी, बाना, रिड़ी, जेतासर, कितासर सहित अनेक गांवो से किसान आए। सभी किसानों की एक ही मांग थी कि फसल पकाव पर है और साहब बिजली दो। किसान भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष पूनमचंद नैण, आरएलपी नेता डॉ विवेक माचरा की अगुवाई में पंचायत समिति के आगे बैठे रहें यहां बिजली विभाग के एक्सईएन, एईएन व जेईएन धरनास्थल पर आए परंतु बात नहीं बनी। किसान यहां से मार्च करते हुए हाइवे पर आ गए और यहां बैठ कर हाइवे जाम का प्रयास किया। प्रशासन की समझाईश पर किसानों ने उपखंड कार्यालय का रूख किया व हरहाल बिजली की मांग की।

ये हुआ फैसला, मिलेगी 6 घंटे निर्बाध बिजली।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल उपखंड अधिकारी डॉ दिव्या चौधरी से मिलने पहुंचा और अपनी मांगे रखी। शाम 6 बजे आखिर सहमति बनी और चौधरी ने जिला प्रशासन से बात कर पूरे वोल्टेज के साथ 6 घंटे कृषि कुओं पर बिजली उपलब्ध करवाने के निर्देश विभाग को दिए। किसान नेताओं ने बताया कि प्रशासन से जले हुए ट्रांसफार्मर व कृषि ट्रांसफार्मर प्रति दो दिन में 10 -10 ट्रासंफार्मर देने, मानक नियमों को पूरा नहीं करने पर ठेका कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने, अघौषित कटौती पूर्ण रूप से बंद करने तथा लंपी की रोकथाम के लिए मोबाइल टीम बनाकर गांव गांव ईलाज पहुंचाने पर सहमति बन गई। प्रशासन द्वारा लंपी पीड़ित पशुधन की मौत पर पशुपालक को मुआवजा देने के लिए प्रस्ताव सरकार को भिजवाने की बात कही।

ये रहें शामिल।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। धरनास्थल से पूरे घटनाक्रम के दौरान पूनमचंद नैण, डॉ विवेक माचरा, बिग्गा सरपंच जसवीर सारण, बिग्गा सरपंच जसवीर सारण, कल्याणसर पुराना सरपंच प्रतिनिधि, बाडेला पूर्व सरपंच तोलाराम ज्याणी, पंचायत समिति सदस्य नत्थुराम रेवाड़, मनोज जाखड़, जावेद कायमखानी, रामचंद्र राजपुरोहित, राजूसिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहें।

गांवो में बढ रही चोरियों पर अंकुश लगाने की मांग।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव लोढेरा में हुई करीब 28 लाख की चोरी में सामान बरामद करवाने व निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए किसानों ने लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों पर लगाम लगाए जाने की मांग भी की।

हल हाल किसान को बिजली दे सरकार-नैण

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। यहां किसान सभा में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष पूनमचंद नैण ने कहा कि क्षेत्र के किसान बिजली के लिए रो रहें है क्योंकि पकाव पर खड़ी फसलें तबाह हो रही है। नैण ने कहा कि गांवो में सिंगल फेस बिजली भी नहीं दी जा रही है जिससे बच्चों की पढाई चौपट हो गई है। नैण ने कहा युवा परिक्षाओं की तैयारी नहीं कर पा रहें है और भोजन बनाने के समय रोजाना लाइट नहीं रहने से महियाएं बुरी तरह से परेशान हो गई है। नैण ने कहा कि जो भी हो सरकार प्रथम मांग बिजली की किसानों की पूरी करें अन्यथा हरहाल ये किसान आंदोलन की ओर कदम बढ़ाने को मजबूर हो जाएंगे।

किसान को बिजली नहीं मिली तो होगा आंदोलन-माचरा

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उपखंड कार्यालय के घेराव का आयोजन करने वाले आरएलपी नेता विवेक माचरा ने चिर परिचित अंदाज में पूरी बिजली व लंपी रोग से पशुधन गवां बैठे किसानों को मुआवजा देने की मांग की। माचरा ने कहा कि जबतक किसान को बिजली पूरी बिजली नहीं दी गई तो मजबूर किसान सड़कों पर आंदोलन करेगें। माचरा ने कहा खेती और पशुधन दोनों ही क्षेत्रों में सरकार की अनदेखी से किसान बेहाल हो गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम किसान भ्रष्टाचार से परेशान हो गया है और बिजली विभाग की व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बिजली नहीं मिलने से मूंगफली की पैदावार पर आया संकट।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 10 घंटे किसानों ने किया संघर्ष ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसानों से प्रशासन की बनी 6 घंटे बिजली की मांग पर सहमति।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसानों ने हाइवे रोकने का प्रयास किया, परंतु कुछ ही देर में प्रशासन की समझाईश पर हाइवे से उठ कर उपखंड कार्यालय में बैठे।