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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 25 नवंबर 2019। गांव में बीते कई महीनों से पानी की समस्या है परन्तु पिछले 10 दिनों से एक बूंद पानी घरों में नहीं आया है। पानी की किल्लत को लेकर ग्रामीण कई बार गांव के मुखिया सहित विधायक तक से कई बार मिल चुके है। ग्रामीण प्रशासन के सामने भी कई बार विरोध प्रर्दशन कर चुके है। 70 वर्षीय बाधुदेवी ने कहा कि राज तो सुनवाई कर कोनी गरीब कमा के खाव या बार बार पानी वास्त सरकारी दफ्तराँ के चक्कर काटां। ग्रामीणों का आरोप है कि खेती बाड़ी देखें, मजदुरी करें या हम काम काज छोड़ कर पानी के लिए घूमते रहे। जाते भी है तो किराया और समय लगाये और नतीजे ढाक के तीन पात ही है। ग्रामीण निवासी जीवनसिंह राठौड़ ने कहा कि 6 माह से पानी की समस्या से जुझ रहे है पर कोई उपाय नहीं हो रहा है। जलदाय विभाग के कर्मचारी गांव के ट्युबवैल की मोटर बदलते है और 2 दिन से ज्यादा मोटर काम नहीं करती समस्या जस की तस ही बनी रहती है। गांव के कुछ परिवार पानी के टेंकर मंगवा रहें है और मध्यमवर्गीय व गरीब परिवार की महिलाएं सिर पर पानी ढो रही है। वे अपने घरों के आस पास के निजी ट्युबवैल से परिवार के पानी की आपूर्ति कर रही है। सोहनी देवी, पूष्पा कंवर प्रशासन से खासी नाराज नजर आयी इन्होने आँखों में पानी भरकर कहा कि कुण सुनवाई कर, पानी के हुयो है जी रो तस्यौ हो राख्यौ है। गांव के कालूराम शर्मा, महावीर सिंह, बजरंगदास स्वामी, किशनलाल शर्मा, सभी ग्रामीण एक स्वर में गांव से सौतेले व्यवहार की शिकायत कर रहे है। ग्रामीण पानी के लिए प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही के आरोप लगा रहे है।

बीकानेर प्रभारी सचिव ने कहा जल आपूर्ति पर ध्यान दें।
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। गांव सातलेरा श्रीडूंगरगढ मुख्यालय से नेशनल हाईवे पर 10-11 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है। जब यहां पानी के हाल ये है तो दूर दराज के गांवो के ग्रामीणों की सुनवाई कौन करता होगा। 20 नवंबर को श्रीडूगरगढ में जिलास्तरीय बैठक लेने जिला प्रभारी सचिव डॉ. आर वैकेंट्श्वरम ने भी प्रशासन को सख्ती से कहा था कि पानी व बिजली की शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दें। उपखण्ड कार्यालय में ली गयी बैठक में जलदाय विभाग को सख्ती से निर्देश दियें थे की पीने के पानी की आपूर्ति व्यवस्थाओं पर मुस्तैदी से ध्यान दें। विभाग की लापरवाही के चलते गांव में जलसंकट खड़ा हो गया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स – गांव सातलेरा में सरकारी ट्यूबवेल जो 10 दिनों से बंद पड़ा है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव में पशुओं के पानी पीने की खेलियाँ सूखी पड़ी है।