Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
05d349f1-27c6-4087-ba0c-fe6a18a1be48
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 मार्च 2021। हँसोजी महाराज की तपोस्थली गांव लिखमादेसर की साफ सुथरी व्यवस्था को चौपट नहीं करने देंगे और किसी कीमत पर गांव में शराब का ठेका खुलने नहीं दिया जाएगा ये ऐलान किया सोमवार को एसडीएम ऑफिस के आगे लिखमादेसर के ग्रामीणों ने। आज ये ग्रामीण बड़ी संख्या में सामूहिक रूप से उपखंड कार्यालय पहुंचे है और विरोध प्रदर्शन कर रहें है। बता देवें की आबकारी विभाग द्वारा हँसोजी महाराज की तपोभूमि लिखमादेसर में पहली बार शराब ठेका खोलने का निर्णय लिया गया है। विभाग के इस निर्णय के बाद ग्रामीणों ने एक राय होकर इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। सरपंच सरस्वती देवी ने आबकारी अधिकारियों को पत्र लिखकर जोरदार विरोध दर्ज करवाया तथा रविवार को गांव में जसनाथजी नवयुवक मंडल के आह्वान पर पूरे गांव की आम सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें सभी ग्रामीण आबकारी विभाग के इस फैसले के विरोध में उतर गए है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का युवा वर्ग लगातार व्यापार, सरकारी महकमों में, बेल्ट सर्विस में अपनी सेवाएं देकर पूरे क्षेत्र में गांव का नाम रोशन कर रहें है और हमारी संस्कृति को बरबाद करने वाला ये निर्णय स्वीकार्य नहीं है। बता देवें गांव लिखमादेसर में जसनाथ सम्प्रदाय के नागरिक बड़ी संख्या में रहते है और जसनाथ जी के 36 नियमों का पालन भी करते है। इन नियमों में मदिरा से दूर रहने का आदेश है और इसी कारण गांव अभी तक शराब का चलन नहीं हो सका है। अब आबकारी विभाग नए ठेके करने जा रही है इसमें जिले का सबसे छोटा ठेका लिखमादेसर में छोड़ने की नीति बनाई है जिसका ग्रामीण पूरजोर विरोध कर रहें है। इसी विरोध के चलते ग्रामीण बसों और गाड़ियों में भर कर एसडीएम ऑफिस पहुंचे हैं और नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम को चेतावनी ज्ञापन भी दिया है और ठेका किसी भी सूरत में नही खुलने देने की बात भी कही है। उपखंड अधिकारी ने उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही जिसके बाद ग्रामीण जिलाकलेक्टर व आबकारी विभाग बीकानेर के लिए रवाना हो गए है। ग्रामीणों ने विभाग द्वारा जबरन गांव में ठेका खोलने पर गांव में उग्र आंदोलन करने और कानून व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा जताते हुए जिम्मेदारी प्रसाशन की कही है।