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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 जून 2026। करीब 100 गांवो का विशाल क्षेत्र और 5000 से अधिक विचाराधीन प्रकरण, ऐसे में त्वरित न्याय की संकल्पना कैसे साकार होगी.? ये बात कहते हुए श्रीडूंगरगढ़ बार संघ के सदस्यों ने विधि मंत्री जोगाराम पटेल के नाम ज्ञापन देते हुए श्रीडूंगरगढ़ में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना की मांग रखी है।
संघ के अध्यक्ष ललित कुमार मारू, अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल दर्जी, एडवोकेट साजिद खान, व सत्यनारायण प्रजापत ने ज्ञापन देते हुए बताया कि श्रीडूंगरगढ़ उपखंड मुख्यालय में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय कार्यरत है। श्रीडूंगरगढ़ उपखंड क्षेत्र काफी बड़ा है। जिसके कारण यहां विभिन्न प्रकृति के 5000 से अधिक प्रकरण विचाराधीन है। इससे त्वरित न्याय मिलने का संकल्प बेमानी हो जाता है। ऐसे में यहां मुन्सिफ कोर्ट की स्थापना आवश्यक है। संघ सदस्यो ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ न्यायालय परिसर में ही नए भवन के लिए भूमि की उपलब्धता सुलभ ही है। ऐसे में विधि मंत्रालय यहां मुन्सिफ न्यायालय खुलवाकर आमजन को राहत दे सकती है। वहीं संघ सदस्यों ने यहां 15 सालों से सेवारत एडीजे कोर्ट का भवन निर्माण, स्टाफ के लिए कमरे व पीठासीन अधिकारी के आवास की व्यवस्था के लिए नवनिर्माण के लिए बजट आवंटन किए जाने मांग भी रखी।