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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 31 दिसम्बर 2025। मकर संक्रांति पर्व के चलते पतंगबाजी के शौकिन लोग छतों पर पंतग उडा़ते नजर आने लगे है। ऐसे में जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा (सामान्य प्रचलित भाषा में चाईनीज मांझा) के प्रयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लागू किया है। साथ ही पक्षियों के विचरण की गतिविधियां प्रातः 6 बजे से 8 बजे एवं सायं 5 बजे से 7 बजे के मध्य होती है। अतः इस समय पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण के प्रयोग से तैयार किया जाता है, जो कि धारदार तथा विद्युत सुचालक होता है। जिससे दुपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को जानमाल के नुकसान होने की संभवाना रहती है। विद्युत का सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वाले को भी नुकसान पहुंचाता है और विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होना संभव है। इसके मद्देनजर ’धातु निर्मित मांझा’ (धागे जो नायलोन/प्लास्टिक, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक/टोक्सीक मटेरियल यथा आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर, नायलॉन/सिंथेटिक पदार्थ से लेपित और गैर-बायोडिग्रेडेबल मांझे/धागे के बनें हो) के उपयोग एवं विक्रय को निषेध किया गया है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पशु पक्षियों की जान के खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाए रखने के लिए निषेधात्मक आदेश करने जारी किए हैं। उन्होंने जिले में इसकी थोक व खुदरा बिक्री, भण्डारण, परिवहन तथा उपयोग को प्रतिबंधित किया है। आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति यदि इस प्रकार के माझों का भण्डारण, विक्रय, परिवहन तथा उपयोग करेगा तो उसके विरूद्ध कानून के तहत कार्यवाही की जाएगी।