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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 अगस्त 2025। क्षेत्र का गांव लोढ़ेरा हरियाली की एक नई उम्मीद के साथ पारिस्थितिकी संतुलन और सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। सोमवार को पर्यावरणविद् प्रो. श्यामसुन्दर ज्याणी के निर्देशन में पारिवारिक वानिकी दिवस पर चौधरी चरण सिंह स्मृति वन में पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान घर-घर सहजन अभियान के तहत पूरे गांव की महिलाओं और बच्चों को देव जसनाथ पारिवारिक वानिकी जन पौधशाला में विकसित सहजन (मोरिंगा) के पौधे वितरित किए। प्रो ज्याणी ने बताया कि इन पौधों को “जसनाथ रूँख प्रसाद”के रूप में दिया गया, जिससे वृक्षारोपण को केवल पर्यावरणीय कार्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कर्तव्य का स्वरूप मिल सके। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के पारिवारिक वानिकी दिवस की थीम “एक पेड़ माँ के नाम” रही। प्रो. ज्याणी ने लोढ़ेरा में ग्रामीणों द्वारा किए जा रहें प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण को एक आंदोलन का रूप दिया है, जहां प्रकृति के प्रति आस्था, सामाजिक एकता और वैज्ञानिक सोच का अद्भुत समागम देखने को मिल रहा है।
संवाद और संकल्प कार्यक्रम में लिया संकल्प।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के साथ भूमि संरक्षण, पारिस्थितिकीय संतुलन, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। मोमासर निवासी प्रह्लाद भामू ने “आपणी ढाणी” में “चौधरी चरण सिंह जन पौधशाला” विकसित करने का संकल्प लिया और क्षेत्र के प्रत्येक युवा से इस आंदोलन से जुड़ने की अपील की।
गुसांईसर बड़ा में 500 महिलाओं को पौधों का वितरण, किसान वर्ग को प्राकृतिक खेती की ओर चलने का आह्वान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सोमवार को अंचल के गांव गुसाईंसर बड़ा में पारिवारिक वानिकी मिशन के तहत राउमावि में कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्थानीय महिलाओं और बालिकाओं की उपस्थिति में 500 स्थानीय प्रजाति के पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच सत्यनारायण सारस्वत ने की और मुख्य वक्ता प्रो.ज्याणी ने जाल, कूमट, सहजन, बरगद, पीपल जैसे वृक्षों को वर्तमान पर्यावरणीय संकट के चलते बीजारोपण और वृक्षारोपण के जरिए बचाने की आवश्यकता जताई। प्रो ज्याणी ने किसान वर्ग को रासायनिकों के गैर जरूरी छिड़काव से बचने की सलाह दी। संस्था प्रधान कैलाशचंद्र शर्मा ने घरेलू चर्चा में पर्यावरण को शामिल करने की बात कही। इस अवसर पर पौधरोपण की वैज्ञानिक प्रक्रिया समझाई गयी। कार्यक्रम में छैलूदान चारण, कमलकिशोर पिपलवा, गौरव ढ़ाका, भंवरलाल जाखड़, मंजूलता, रोहिताश सैनी, टालीराम सारस्वत, श्रवणराम सारस्वत, श्यामसुंदर शर्मा, जैसाराम खाती और टीकूराम गोदारा ने भी संबोधित किया। मंच संचालन कवि साहित्यकार कमलकिशोर पिपलवा ने किया। बालिकाओं व महिलाओं सहित विद्यार्थियों व ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव गुसाईसर बड़ा के राउमावि में हुआ आयोजन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। महिलाओं व बालिकाओं ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लोढ़ेरा में आयोजित कार्यक्रम में भागीदारी निभाई ग्रामीणों सहित बच्चों ने, यहां पौधे वितरित किए।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रो. श्यामसुदंर ज्याणी ने ग्रामीणों की सामूहिकता व जागरूकता की सराहना की।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सामूहिकता से लिया हरियाली का संकल्प, लोढ़ेरा बन रहा प्रेरणा।