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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 मई 2025। क्षेत्र का गांव धीरदेसर चोटियान जहां ग्रामीण शराब का ठेका बंद करवाने के लिए संघर्षरत है और शराब बेचने के लिए आमदा आबकारी विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। ग्रामीण 260 दिन से लगातार धरने पर बैठे है, गांव की बालिकाओं व महिलाओं ने रैली निकाल कर शराब बंद करवाने की मांग की, 2 अक्टूबर 2024 को ग्राम पंचायत की आमसभा में मतदान करवाने का प्रस्ताव लेकर जिला कलेक्टर को भेजा गया, परंतु नतीजा ढाक के तीन पात, सरकार ने सुनवाई नहीं की। आखिरकार ग्रामीणों ने हाईकोर्ट की शरण ली और कोर्ट ने जनता का साथ दिया। हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए गांव में शराबबंदी को लेकर मतदान करवाने का आदेश दिया है। इस मिशन में जुटे एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य ने सरकार व प्रशासन दो टूक कहते हुए कहा कि शर्म करो सरकार या अब भी नए बहाने ढूंढोगे। आर्य ने बताया कि रूल ऑफ 1975 के तहत जिला प्रशासन को दो माह के भीतर मतदान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आर्य ने बताया कि 61% मतदान शराबबंदी के पक्ष में होने पर गांव में शराब का ठेका बंद किया जाएगा।
पूरे क्षेत्र में नजीर बनने का मौका, ग्रामीण तैयार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। धरनार्थी किशन चोटिया ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ अंचल ही नहीं आस पास के पूरे इलाके में धीरदेसर चोटियान गांव में शराब बंदी लागू करवा कर एक मिसाल पेश करेगा और ग्रामीण इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। सरंपच रामचंद्र चोटिया ने कहा कि हमें विश्वास है कि गांव के मतदाता इस में विजय हासिल करेंगे। गांव के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं व युवतियां बड़ी संख्या में हर हाल में शराब बंद करवाने के लिए संकल्पित है। बता देवें सरपंच की भूमिका इस मामले में सकारात्मक व जनभावना के अनुरूप रही है। 260 दिनों से धरने पर लगातार बैठे रहने वाले पूर्व सरपंच मेघराज चोटिया, सांवरमल सहू, कुशलाराम, तेजाराम मेघवाल, ताजाराम मेघवाल, लक्ष्मणसिंह, गजानंद शर्मा ने उत्साह प्रकट करते हुए प्रशासन से शीघ्र मतदान की कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरा गांव होगा धीरदेसर चोटियान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव सूडसर में शराबबंदी के लिए जनांदोल 2006-7 में किया गया। यहां शराब बंदी के लिए मतदान करवाया गया जिसमें सूडसर के ग्रामीणों ने विजय हासिल की, और आबकारी विभाग को मुंह की खानी पड़ी। सूडसर में शराब का ठेका हटाया गया, तब से आज तक गांव में शराब की दुकान विभाग द्वारा स्वीकृत नहीं की गई है। तत्कालीन सरपंच श्रीराम भादू ने बताया कि मतदान के बाद प्रपत्र विभाग को भेजा गया। ये पहला मौका था जब ग्रामीणों ने सामूहिक शक्ति का लोहा मनवाया। यही मौका अब धीरदेसर चोटियान के पाले में आया है। अगर यहां शराबबंदी होती है तो ये क्षेत्र का दूसरा गांव होगा जहां जनशक्ति द्वारा शराब का ठेका गांव में बंद करवाया जाएगा।