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October 17, 2026
6-oct
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 अक्टूबर 2024। श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 06 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि तृतीया 07:51 AM
🔅 नक्षत्र विशाखा +00:11 AM
🔅 करण :
गर 07:51 AM
वणिज 07:51 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग प्रीति पूर्ण रात्रि
🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:29 AM
🔅 चन्द्रोदय 09:26 AM
🔅 चन्द्र राशि तुला
🔅 चन्द्र वास पश्चिम
🔅 सूर्यास्त 06:13 PM
🔅 चन्द्रास्त 08:06 PM
🔅 ऋतु शरद

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:44 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:58:14 – 12:45:11
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 04:39 PM – 05:26 PM
🔅 कंटक 10:24 AM – 11:11 AM
🔅 यमघण्ट 01:32 PM – 02:19 PM
🔅 राहु काल 04:45 PM – 06:13 PM
🔅 कुलिक 04:39 PM – 05:26 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:58 AM – 12:45 PM
🔅 यमगण्ड 12:21 PM – 01:49 PM
🔅 गुलिक काल 03:17 PM – 04:45 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

📜 चोघडिया 📜

🔅उद्वेग 06:29:33 – 07:57:36
🔅चल 07:57:36 – 09:25:38
🔅लाभ 09:25:38 – 10:53:40
🔅अमृत 10:53:40 – 12:21:42
🔅काल 12:21:42 – 13:49:45
🔅शुभ 13:49:45 – 15:17:47
🔅रोग 15:17:47 – 16:45:49
🔅उद्वेग 16:45:49 – 18:13:52
🔅शुभ 18:13:52 – 19:45:53
🔅अमृत 19:45:53 – 21:17:55
🔅चल 21:17:55 – 22:49:57
🔅रोग 22:49:57 – 24:21:58
🔅काल 24:21:58 – 25:54:00
🔅लाभ 25:54:00 – 27:26:02
🔅उद्वेग 27:26:02 – 28:58:04
🔅शुभ 28:58:04 – 30:30:05

❄️ लग्न तालिका ❄️

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:06 AM समाप्त: 07:22 AM

🔅 तुला चर
शुरू: 07:22 AM समाप्त: 09:41 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 09:41 AM समाप्त: 12:00 PM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 12:00 PM समाप्त: 02:04 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 02:04 PM समाप्त: 03:47 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 03:47 PM समाप्त: 05:15 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 05:15 PM समाप्त: 06:41 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 06:41 PM समाप्त: 08:17 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 08:17 PM समाप्त: 10:13 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:13 PM समाप्त: अगले दिन 00:28 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: अगले दिन 00:28 AM समाप्त: अगले दिन 02:49 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 02:49 AM समाप्त: अगले दिन 05:06 AM

🚩शारदीय नवरात्रि🚩

माँ दुर्गा का चतुर्थ रूप कूष्मांडा के रूप में है। एक मान्यता के अनुसार ब्रह्मांड की उत्पत्ति माता कूष्मांडा के उदर से हुई है। नवरात्रे के चौथे दिन इनकी पूजा-आराधना की जाती है। चौथे नवरात्रे को जो जन पूर्ण विधि-विधान से उपवास करता है, उसके समस्त रोग-शोक नष्ट हो जाते हैं। माता कूष्मांडा की पूजा करने के बाद इस दिन उनको मालपुओं का भोग लगाया जाता है।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026