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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। एक और दहेज के लिए बिखरते परिवारों व महिला प्रताड़ना की तस्वीरें समाज में लगातार सामने आ रही है वहीं दूसरी और कन्या को लक्ष्मी स्वरूपा मान कर दहेज मुक्त विवाह की तस्वीरें भी सुखद रूप में नजर आने लगी है। क्षेत्र के गांव ठुकरियासर में बीरबलराम देहडू व सीताराम धेडू ने एक रुपया व नारियल लेकर अपने दो पुत्रों का विवाह संपन्न करवाया। बीरबलराम धेडू ने बताया कि उनके छोटे भाई सीताराम धेडू के पुत्र मुन्नीराम व रामनिवास का विवाह स्वरूपदेसर निवासी रामदयाल सियाग की पुत्री विमला व यशोदा के साथ संपन्न हुआ। धेडू ने कहा आज शिक्षित बेटियां बहू के रूप में आकर घर मे सभ्य व संस्कारमय वातावरण बनाकर आने वाली संतति को संवारे इससे बड़ा सौभाग्य नही हो सकता। धेडू ने कहा कि अब दहेज प्रथा उन्मुक्त समाज की आवश्यकता है जिससे बेटियों का मान बढ़ सकें। देहडू परिवार ने गहने, एफडी या प्लाट सहित किसी भी रूप में दहेज ग्रहण नहीं किया और दहेज मुक्त विवाह की प्रेरणा दी। परिवार ने अनेक आग्रह के बाद दहेज मुक्त विवाह की अनुमति देने के लिए समधी रामदयाल सिहाग का आभार जताया। गांव सहित क्षेत्र में इसकी चर्चा हुई व प्रबुद्धजनों ने इसकी सराहना भी की, ग्रामीणों ने भी इस पहल को सराहा।