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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 नवम्बर 2023। विधानसभा चुनावों के दौरान क्षेत्र में कई खबरें ब्रेकिंग लेवल पर निकल कर सामने आ रही है। इन खबरों को त्वरित रूप से सभी पाठकों तक पहुंचाने के लिए यह विशेष कॉलम “श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा चुनाव की ब्रेकिंग न्यूज” शुरू किया गया है। पढें बुधवार 1 नवम्बर सुबह की ब्रेकिंग न्यूज़।

दिल्ली से आया फोन, छूटने लगे पटाखे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 नवम्बर 2023। श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में इस बार टिकट के लिए कांग्रेस के दावेदारों से ज्यादा कांग्रेस के कोर वोटर और कार्यकर्ताओं में बेचैनी देखी गई। हालात यह बन गए है कि पहले धड़ों में बंटे कांग्रेसी अपने गुट छोड़ कर एकजुट हो गए कि किसी भी दावेदार की आए बस पार्टी की टिकट आ जाये। कम से कम मैदान में पार्टी का सिंबल तो हो। इन हालातों के बीच बुधवार सुबह मीडिया लीक में कांग्रेस की छठी लिस्ट आने और छठी लिस्ट में श्रीडूंगरगढ़ से पूर्व विधायक का नाम होने के बाद दिल्ली बैठे प्रधान प्रतिनिधि केशराराम गोदारा ने यहां कार्यकर्ताओं को पॉजिटिव संदेश भी दिया है। इसके बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ता पटाखे छोड़ने लग गए हैं। हालांकि दिल्ली से आई खबरों के अनुसार अभी युवा और बुजुर्ग के बीच पेंच फंसा हुआ है एवं जयपुर की चली तो बुजुर्ग का ओर दिल्ली की चली तो युवा का नाम फाइनल लिस्ट में आएगा। दोनो ही दावेदार कहने को तो कॉन्फिडेंट है लेकिन ये भी फाइनल लिस्ट घोषित होने के बाद ही वहां से रवाना होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ बैठे कार्यकर्ता इस में खुश हैं कि कम से कम अब किसी की आओ, कांग्रेस टिकट आएगी तो सही।

शाम को 6 बजे की मीटिंग घोषणा ने बढाई भाजपा की चिंता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भाजपा की टिकट का विरोध करने वाले नेता अभी पूरी तरह से सेट हुए ही नही की भाजपा प्रत्याशी के स्वजातीय समाजसेवी नेता ने ताल ठोक कर दुविधा और बढ़ा दी है। पूर्व भाजपा नेता जुगलकिशोर तावनियाँ मैदान में आ गए हैं और अपनी पुत्रवधू पार्षद प्रीति शर्मा को चुनाव लड़वाने की घोषणा कर चुके हैं। तीन दिनों से अंदरखाने चल रही इस स्थिति को मैनेज करने के लिए अंदरखाने के प्रयास भी खूब हुए हैं। लेकिन आज शाम 6 बजे जुगलकिशोर तावनियाँ के घर पर उन्होंने सामूहिक समर्थको की बैठक बुलाई है। अब एकदम खुल कर बैठक करने की घोषणा के बाद मामला सेट करने के भाजपाई प्रयास अभी तक असफल हो गए हैं। इस बैठक में अधिकाधिक संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने के आह्वान के बाद भाजपा की चिंता बढ़ गई है।