Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
0000010101
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ 2 अक्टूबर 2023। क्षेत्र में बढ़ती राजनैतिक सरगर्मियों के दौर में हर दिन नया समीकरण देखने को मिल रहा है। रविवार को आने वाली भाजपा की पहली सूची में श्रीडूंगरगढ़ सीट पर ताराचंद सारस्वत का नाम आने की चर्चांए जोरों पर थी वहीं रविवार रात यह सूची रूकने के साथ साथ ताराचंद सारस्वत का नाम भी एक बार रूक गया है। यहां से ताराचंद सारस्वत के विरोध में लगभग सभी दावेदार एक साथ हो गए है एवं दिल्ली पहुंच कर केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, गजेन्द्र सिंह शेखावत, राज्य प्रभारी प्रहलाद जोशी के सामने हाजिर होकर सारस्वत की टिकट काटने की पैरवी कर रहे है। सारस्वत के सामने टिकट मांगने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पांच बार के पार्षद विनोद गिरी गुंसाई, पूर्व प्रधान छैूलसिंह शेखावत, वरिष्ठ नेता किशनाराम गोदारा, पूर्व पालिकाध्यक्ष नारायण मोट, पूर्व विधायक किशराराम नाई के पौत्र आशीष जाड़ीवाल, बिग्गा सरपंच जसवीर सारण व इनके साथ गए नितिन नाई, सुरजाराम महिया, सरपंच मोहन स्वामी, श्रवण नाई मोमासर आदि सभी ने एक स्वर में सारस्वत के बजाए किसी को भी टिकट दे देने पर पार्टी को जिताने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। सारस्वत के विरोधी खेमे द्वारा यह कदम उठाने के बाद क्षेत्र में कई चर्चाएं जोर पकड़ चुकी है। अब जनता में इसे सारस्वत की टिकट कट जाने एवं वहीं दूसरी ओर सारस्वत की ओर अधिक मजबूती का संदेश ऊपर तक जाने की बातें हो रही है। अब होने को कुछ भी हो लेकिन चुनावों से पहले भाजपा की यह गुटबाजी इस कदर खुल कर सामने आने से पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं है एवं पार्टी के कोर वोटर वर्ग में इससे खासी नाराजगी भी दिख रही है।