Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
0b86eb24-505c-47cb-b4ff-c03c43d67f94
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 जुलाई 2020। श्रीडूंगरगढ़ शहर में कोरोना संक्रमितों की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री सैंकडों लोगों से जुडी होने के बाद पूरा शहर खतरे के मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। ऐसे में यहां के व्यापारियों ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बाजार में सोशल डिस्टेसिंग कायम करने, बाजार के खुलने का समय सीमित करने के संबध में बैठक का आयोजन किया। कस्बे के टीएम प्लाजा में आयोजित इस बैठक में व्यापारियों की आपसी असहमति शहर के हित पर हावी हो गई है। व्यापारियों की आपसी असहमति के कारण श्रीडूंगरगढ़ के व्यापारियों को भी वह सम्मान मिलने से रह गया जो आज जिले में लूणकरणसर, नोखा, कालू, पूगल, महाजन, अर्जुनसर आदि कस्बों के व्यापारियों को मिला है। बैठक की विफलता के बाद कस्बे का आम आदमी कस्बे के व्यापारियों से शायद यही सवाल पूछे कि जब जिले में लगभग हर कस्बे का व्यापारी अपने अपने कस्बे के प्रति जिम्मेदार है तो श्रीडूंगरगढ़ के व्यापारियों में ऐसा माहौल क्यों नहीं बन पाया? यह सवाल कस्बे का हर जागरूक व्यक्ति पूछ रहा है, हालांकि बैठक में विभिन्न व्यापारिक यूनियनों के 40 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया था एवं व्यापार मंडल महामंत्री श्यामसुंदर पारीक ने सभी को एकमत करने का खासा प्रयास भी किया। बैठक में बाजार में मास्क की अनिवार्यता, अपनी अपनी दुकानों पर सोशल डिस्टेसिंग की पालना आदि विषयों पर चर्चा भी हुई। लेकिन बैठक आखिर में बेनतीजा रही और श्रीडूंगरगढ़ के व्यापारी भी शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने से वंचित रह गए। देखना यह है कि अधिकांश व्यापारियों के शहर की सुरक्षा के प्रति जागरूक होने के बाद भी कुछ व्यापारियों की असहमति से ऐसी बैठकें कब तक बेनतीजा होती रहेगी? कहीं ऐसा ना हो कि जब तक व्यापारी वर्ग कोई नतीजे पर पहुंचे तब तक कहीं देर ना हो जाए।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। व्यापरियों की आपसी असहमति से शहर की चिंता में आयोजित बैठक बेनतीजा रही।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बिना किसी निर्णय के बिखरे व्यापारी लौट गए।