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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 अगस्त 2023। बिजली सकंट के दौर में क्षेत्र के किसान एक एक मिनिट की बिजली सप्लाई पाने के लिए जंग सी लड़ रहे है। अब सकंट के इस समय में लंबे समय से चल रही विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लंबित कार्यों को भी किसान लड़ झगड़ कर पुरा करवाने में जुट गए ताकि जितनी बिजली आए कम से कम उतनी का तो पुरा उपयोग सिंचाई में हो सके। किसानों के इन्हीं प्रयासों के तहत क्षेत्र के गांव नौसरिया, बाडेला, इंदपालसर, हथाणा में स्थित 6 विद्युत विभाग के 33केवी जीएसएस से जुड़े किसान आरएलपी नेता विवेक माचरा के साथ सोमवार सुबह से अपने घर से निकले हुए है। ये किसान काफी समय से लंबित चल रही करीब 15 किलोमीटर की नई 33केवी लाईन को पूरा करवाने के लिए दो दिनों से सरकारी सिस्टम के बीच झूल रहे है। किसानों ने बताया कि रिड़ी 132 से एक ही पुरानी जर्जर 33केवी की लाईन पर नौसरिया, बाडेला, इंदपालसर, हथाणा में स्थित 6 जीएसएस 33केवी स्थापित है। इन्हें दो भागों में बांटने के लिए नई लाईन को स्वीकृत किए लंबा समय बीत गया लेकिन लाईन का काम अधुरा ही पड़ा है। ऐसे में सोमवार को इन गांवों के सैंकड़ों किसानों ने बीकानेर कूच किया। वहां दिन भर संघर्ष के बाद बीकानेर से 33केवी के तारों के तीन बंडल कार्य को पूरा करने के लिए अलाट करवाए। किसानों ने इन तारों के बंडलों को ट्रक में एस्कार्ट कर श्रीडूंगरगढ़ तक साथ लेकर पहुंचे। यहां पहुंचते पहुंचते रात हो गई तो ऊपनी एईएन के भंड़ार गृह में इंट्री नहीं हो पाई व ट्रक को सहायक अभियंता कार्यालय के समक्ष ही खड़ा कर दिया गया। यही से विवाद शुरू हो गया एवं किसानों ने स्थानीय नेताओं पर क्रेडिट लेने के लिए तारों को मौके पर पहुंचने से रूकवा देने का आरोप लगाते हुए रात भर वहीं डट रहें। तार को श्रीडूंगरगढ़ रोक देने की सूचना मिली तो विवेक माचरा भी रात को ही श्रीडूंगरगढ़ पहुंचें एवं किसानों के साथ ही सहायक अभियंता ऊपनी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

यह कहा अधिकारियों ने।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रिड़ी 132 से निकल कर जा रही लाईन पर लोढ़ बांटने के लिए 33केवी की 15 किलोमीटर नई लाईन डालने का कार्य चल रहा है। लेकिन तार की कमी से लंबे समय से लंबित पड़ा था। ऐसे में विभाग द्वारा इस कार्य को पूरा करवाने के लिए सहायक अभियंता को तार अलॉट किए गए है। मंगलवार को ठेकेदार एवं लेबर को भी पाबंद कर दिया गया है। कार्य अपनी व्यवस्था से हो रहा है एवं आज लाईन पूरी होने की संभावना है। इसमें किसी भी प्रकार की कोई राजनीति नहीं है।” भूराराम चौधरी, अधिक्षण अभियंता श्रीडूंगरगढ़।

भूराराम चौधरी, अधीक्षण अभियंता श्रीडूंगरगढ़।

“किसानों के संघर्ष की सफलता थी कि यह लाईन पूरी कराने के लिए तार उपलब्ध हुए। बड़ी मुश्किल से यह सफलता मिली और किसानों की पीड़ा इस कदर है कि किसान अपने स्तर पर श्रमदान एवं अर्थदान कर रात को ही लाईन खींचवा देते। लेकिन स्थानीय नेताओं ने अपने नाम पर क्रेडिट लेने के लिए तार को रात को रूकवा दिया एवं कागजी कार्रवाही के नाम पर किसानों की फसलों को एक दिन और सूखा रखवा दिया है। यह नाबर्दाश्त करने योग्य है। मंगलवार को यह लाईन पूरी नहीं की गई तो निगम को उग्र प्रदर्शन के लिए तैयार रहना होगा।” -विवेक माचरा, आरएलपी नेता।