Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
WhatsApp Image 2023-06-04 at 9.52.43 PM
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 जून 2023। कोयले के काले कारोबार का शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ और मामले में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स ने बड़े सवाल उठाए। विभाग द्वारा दर्ज करवाए गए मामले में मौके से मशीने व सामान जब्त नहीं करने, केवल एक जने के खिलाफ मामला दर्ज करवाने को लेकर सवाल खड़े किए गए। ये सवाल नागरिकों में चर्चा का विषय बने और अनेक वन प्रेमियों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले में आज विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेंद्र सिंह सक्रिय हुए और मौके से आरा मशीन व जनरेटर जब्त किए। यहां ट्रेक्टर व जेसीबी लगाकर लकड़ियां कार्यालय परिसर में डलवाई जा रही है। मामले के खुलासे में विशेष भूमिका निभाने वाले जागरूक युवा गणेश सिंह व आनंद जोशी ने कहा कि विभाग की लीपापोती की कार्रवाई से वनप्रेमियों में रोश व्याप्त है तथा मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंचाने के वाले जीव रक्षा संस्था बीकानेर के अध्यक्ष मोखराम धारणिया ने संभागीय आयुक्त सहित वन विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर मामले में संलिप्त दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जांच कमेटी का गठन करने की मांग भी की है। संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को बताया कि वन विभाग के उच्चाधिकारियों को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। पवन ने कहा कि हजारों हरे पेड़ काटने को लेकर वे इस मामले में गंभीर है। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे जो लोग है उन पर कार्रवाई होगी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जेसीबी लगाकर विभाग ने आज लकड़ियां एकत्र करवाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वन विभाग ने ट्रेक्टर से लकड़ियां कार्यालय परिसर में डलवाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज मौके से आरा मशीन जब्त की गई।

शनिवार को लगाई गई श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा पूरी अपडेट पढ़ने के लिए खोले ये लिंक-1 व लिंक 2

किए करोड़ो के वारे न्यारे, लीपापोती का प्रयास, श्रीडूंगरगढ़ से पढें बड़ी खबर की पूरी अपडेट।

हजारों पेड़, करोड़ों के व्यारे न्यारे, लीपापोती का प्रयास, कौन जिम्मेदार बड़ा सवाल?

वन विभाग की नाक के नीचे चल रहा काला धंधा, काट डाले सैंकड़ो हरे पेड़, युवकों के विरोध के बाद कि कार्रवाई।