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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 अगस्त 2022। नींद जीवन की एक अहम पार्ट है और सभी जीवित चीजों के लिए जरूरी है. यह हमारे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक नवीनीकरण के लिए बेहद जरूरी है. आयुर्वेद के अनुसार, नींद अच्छे स्वास्थ्य की तीन जरूरी नींवों में से एक है. हमारी नींद का पैटर्न बेहद निराशाजनक हो सकता है और ट्रैक पर वापस आना एक असंभव उपलब्धि की तरह लग सकता है. नींद के चक्रों को विनियमित करने के लिए आयुर्वेद में अद्भुत और उपयोगी विधि बताई गई है. आयुर्वेद के अनुसार, हमें अच्छी नींद के लिए 6 नियमों का पालन करना चाहिए. आइए जानते हैं वो 6 नियम क्या हैं

1- शरीर को स्वस्थ तरीके से काम करने के लिए आपको रात 10:00 से 11:00 बजे के बीच बिस्तर पकड़ लेना चाहिए.

2- कभी जबरदस्ती ना सोएं क्योंकि इससे आंत असंतुलन, सुस्ती या सिरदर्द भी हो सकता है.

3- रात को अच्छी नींद के लिए गर्म तेल से पैरों की मालिश करें. इसे पदभयंगम भी कहा जाता है. यह हमारे शरीर को पृथ्वी से मिलाने में मदद करता है.

4- सोते समय हमेशा ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें, इससे आपको जल्दी और बेहतर नींद आने में मदद मिलती है. हमेशा साफ और आरामदायक वातावरण में सोएं, बेहतर होगा कि आप पूरी तरह से अंधेरे में सोएं, ताकि आपकी सरकेडियन रिदम अच्छी तरह से काम कर सके.

5- रात की एक अच्छी नींद खुशी और ताकत का बेहतर स्रोत है. यदि आप रोजाना अच्छी नींद लेते हैं, तो आपके चिड़चिड़े, चिंतित और बेचैनी होने की संभावना कम होती है. लेकिन, इसका आपको रोज अच्छी नींद लेनी होगी.

6- पूरे हफ्ते की नींद, वीकेंड में पूरा करने जैसी कोई चीज नहीं है. यह आपकी डेली लाइफस्टाइल को बाधित करता है और खराब पाचन, ऊर्जा व हार्मोन असंतुलन को भी जन्म दे सकता है.