Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
00
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 जनवरी 2022। पंचायत राज संस्थाए हो या चाहे नगरीय निकाय संस्थाए इन सभी को लोकतंत्र की सबसे निचली कड़ी कहा जाता है एवं इन सभी में लोकसभा व विधानसभा की तर्ज पर साधारण सभा की बैठक में जनता द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधि गांव एवं शहर के विकास की जिम्मेदारी सवाल उठाने, प्रस्ताव लेने के माध्यम से निभाते है। लेकिन विडम्बना ही है कि श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका जिस पर भ्रष्टाचार के अनेकों आरोप लग चुके है वहां पर पारदर्शिता को मिटाने के लिए लंबे समय से साधारण सभा की बैठक तक नहीं बुलाई गई है। ऐसे में नगरपालिका के जागरूक पार्षद दलगत भेद को छोड़ कर पालिका प्रशासन के खिलाफ खड़े हो गए है एवं रजिस्ट्रर्ड डाक के माध्यम से पालिकाध्यक्ष को नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 51 के तहत साधारण सभा की बैठक आहूत करने का नोटिस दिया है। नगरपालिका के 40 पार्षदों में से 20 पार्षदों ने सामूहिक रूप से भेजे इस नोटिस में नगरपालिका उपाध्यक्ष बंशीधर सुथार सहित भाजपा के 9, कांग्रेस के 9 और निर्दलीय दो पार्षद शामिल है। नोटिस में नियमानुसार 60 दिनों में एक और कैलेंडर वर्ष में न्यूनतम 6 साधारण सभा बैठकें करने की अनिवार्यता के बाद भी पालिका प्रशासन द्वारा श्रीडूंगरगढ़ में गत सात माह तक कोई बैठक नहीं करने पर रोष जताया गया है। निर्दलीय पार्षद सोहनलाल ओझा ने बताया कि पालिका की साधारण सभा में बैठक गत 12 अप्रेल 2021 को हुई थी एवं उसके बाद अभी तक कोई बैठक नहीं हुई है। ऐसे में पार्षदों के सवाल उठाने के अधिकार का हनन किया जा रहा है एवं तानाशाही पूर्ण पालिका में जम कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ऐसे में कोरोना को देखते हुए कस्बे में फोगिंग एवं सेनेटाइज का छिड़काव करवाने, ऑटो टिपर द्वारा कचरा संग्रहण की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, सफाई व्यवस्था सुचारू करने, पालिका की चल एवं अचल सम्पति के बारे में, स्ट्रीट लाईट व्यवस्था सुधारने, जल निकासी, वार्ड नम्बर 7 में स्थित कच्चे जोहड़ से पानी निकासी, प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 में सन 1997 में जमा पत्रावलियों व आवेदकों को पट्टा जारी करने आदि प्रस्तावों को शामिल करते हुए जल्द से जल्द बैठक आहूत करने को कहा गया है।

ये पार्षद रहे शामिल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नगरपालिका प्रशासन पर अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए साधारण सभा की बैठक नहीं बुलाने का आरोप लगाने वाले 20 पार्षदों में भाजपा के बंशीधर सुथार, प्रीति शर्मा, अरूण पारीक, मघराज तेजी, जगदीश गुर्जर, परसराम राजपुरोहित, लक्ष्मी देवी, प्रकाशचंद्र, तीजा देवीं सांसी, निर्दलीय पार्षद सोहनलाल ओझा, डोली देवी झंवर, कांग्रेसी पार्षद पार्वती देवी, ललीत सारस्वत, दाऊद अली, दिलशाद, हिरालाल जाट, अंजू पारख, रमजाना, झणकार देवी, युसुफ शामिल है।