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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 13 जून, 2019। आजाद फोर्स के युवाओं ने आज निर्जला एकादशी पर 101 खेलियों के सफाई अभियान का समापन किया। ये अभियान करीब सवा महीने चला। सनातन धर्म में कहा जाता है बिना परमार्थ के नर नीरा पशु समान है। एक और युवाओं का ऐसा वर्ग है जो मौज मस्ती में समय बरबाद कर अपना भविष्य तक दांव पर लगा देते है। और दूसरी और ये युवा है जो दिन में अपने कार्य करते है व रात को मोटरसाइकिल की रोशनी में सेवा का कार्य कर रहे है। कस्बे की धर्म भूमि पर ये युवा अपनी जिम्मेदारी पूर्ण निष्ठा से निभा रहे है। आजाद फोर्स के इन युवाओं ने निर्जला एकादशी पर सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन युवाओं ने टाइम्स को बताया कि प्रकृति कदम-कदम पर परोपकार ही सिखाती है, सभी का हित ही धरती पर मनुष्य जन्म को सार्थक बनाती है। इन युवाओं ने निरीह पशुओं की सुध ली व उनके पानी पीने की खेलें साफ करने की जिम्मेदारी उठाई। पशुचिकित्सक ने इन्हें सलाह दी कि अगर खेलों में कली कर दी जाये तो पशुओं में कैल्शियम की कमी नहीं होगी जो आजकल गायों में तो सामान्य तौर पर हो रही है। इन युवाओं ने 101 खेलियों को साफ किया, उनकी टूट-फुट ठीक की व उनमें कली की। निर्जला एकादशी पर इन युवाओं ने सभी 101 खेलियों में पानी भरवा कर अपने इस अभियान का समापन किया। बिना किसी सहायता के अपने ही निस्वार्थ सेवा भाव से ये युवा परमार्थ पथ पर अग्रसर है। पंडित रमेश शर्मा ने कहा कि निस्वार्थ सेवा भाव ही कामयाबी का मूल मंत्र है। मनुष्य में इस भाव की कमी धीरे धीरे पतन मार्ग पर ले जाती है। इन युवाओं का गौ सेवार्थ यह कार्य इन्हें सच्चा अध्यात्मवादी बनाती है।

आजाद फोर्स में इन युवाओं ने सेवाऐं दी- नवरत्न पारीक, विकास पारीक, पवन प्रजापत, हरीश प्रजापत, कालूराम प्रजापत, गौतम सुथार, शिव नाई, दिलीप सुथार, बाबुलाल पारीक, सीताराम प्रजापत।  

श्रीडूंगरगढ टाइम्स। आजाद फोर्स द्वारा कली करके पानी भरी गयी 101 वीं खेल।