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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 मार्च 2023। राजस्थान में बहिन के प्रति भाईयों के कर्तव्य निवर्हन की कथा नानी बाई का मायरा जैसी उत्कृष्ट परम्परा ने सदियों से हमारा गौरव बढ़ाया है। इन दिनों क्षेत्र में भी युवा इस परम्परा को आगे बढ़ा कर क्षेत्र का मान बढ़ा रहें है। सोमवार को क्षेत्र के गांव मोमासर के सामान्य से परिवार में पुलिसकर्मियों ने मायरा भरने की रस्म अदा की तो सभी की आंखें छलक आई। गांव मोमासर निवासी मोनू सैन पिछले 12 सालों से नेछवा थाने में मैस में रसोईये (लांगरी) का काम कर रहा है एवं सोमवार को उसकी बहिन की शादी थी। बहिन की शादी के लिए छुट्टी लेकर आए मोनू ने सोचा भी नहीं था कि थाने द्वारा सामूहिक रूप से उसकी बहिन का मायरा भरा जाएगा। सोमवार को नेछवा थानाधिकारी राकेश मीणा की पहल पर थाना स्टाफ द्वारा आपस में राशि एकत्र की गई एवं एक लाख रुपए नकद एवं पूरे परिवार के कपड़े, सीखे आदि देकर मायरा भरा गया। इस दौरान नेछवा थाने से हैड कांस्टेबल गोपाल जाखड़, हैड कांस्टेबल सुभाष, कांस्टेबल ताराचंद, दशरथ, महेश, सुमेर, बलवंत, सुनील, विजयपाल, अशोक कुमार आदि मोमासर पहुंचें एवं मायरा भरने की रस्म को पूरा किया। गांव भर में पुलिस वालों की इस मानवीयता की चर्चा है और ग्रामीण मोनू सहित उनकी बहिन के भाग्य की सराहना कर रहें है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नेछवा थाने के कर्मचारियों ने भरा मायरा तो सबकी आंखे खुशी से छलक पड़ी और ग्रामीणों ने पुलिस वालों के प्रति सहृदयता प्रकट की।