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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 जनवरी 2023। विकास के नाम पर प्रकृति एवं पर्यावरण को लगातार पहुंचाया जा रहा नुकसान, विकास नहीं विनाश कर रहा है। यही देखने को मिला है क्षेत्र के गांव मोमासर में, जहां सीएचसी के नए भवन के निर्माण हेतु सीएचसी प्रांगण में 30-30 साल से खड़े पुराने बीसियों पेड़ रातों रात जड़ों से उखाड़ दिए गए। पेड़ों को जड़ मूल से ही काट देने का पता ग्रामीणों को चला तो ग्रामीणों ने बिना किसी अनुमति के इन पेड़ों को काटने पर रोष जताया। मोमासर सीएचसी इंजार्च डाक्टर ज्योति बिस्सू ने बताया कि रविवार सुबह स्टाफ चिकित्सालय पहुंचा तो देखा कि जेसीबी एवं अन्य बड़ी मशीनों से सीएचसी में लगे हुए पुराने पेड़ों को काट दिया गया है। पता किया गया तो किसी भी व्यक्ति ने पेड़ काटने की जिम्मेदारी नहीं ली। ऐसे में उच्चाधिकारियों एवं पुलिस को सूचित कर दिया गया है एवं आगामी कार्रवाई की मांग की गई। इस संबध में पूर्व जिलापरिषद सदस्य सुभाष कमलिया, पूर्व सरपंच जेठाराम भामूं, ग्रामीण हरीराम, पूनाराम, भंवरलाल आदि ने उपखण्ड अधिकारी एवं थानाधिकारी को ज्ञापन देकर वर्तमान सरपंच एवं उपसरपंच पर बिना अनुमति पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी और इस सबंध में उपसरपंच जुगराज संचेती ने पेड़ काट देने की घटना से अनभिज्ञता दर्शाई है। संचेती ने बताया कि सीएचसी प्रांगण में ही सीएचसी के नए भवन के निर्माण का टेंडर हो चुका है एवं सानिवि द्वारा कई बार पेड़ हटवाने के लिए पंचायत को कहा गया है। इस संबध में पंचायत ने पूर्व में प्रस्ताव भी ले रखा है एवं गत दिनों श्रीडूंगरगढ़ में हुई जनसुनवाई में कलेक्टर से भी लिखित में अनुमति मांगी गई, जिस दौरान मौखिक अनुमति दी गई थी। काटे गए पेड़ों से दोगुने पेड़ लगाना भी प्रस्तावित है। लेकिन फिर भी लिखित अनुमति आने से पहले ही पेड़ किसने कटवाए इसकी जानकारी की जाएगी। घटना चाहे कुछ भी हो या चाहे सीएचसी के नए भवन को पुराने सीएचसी प्रांगण में रखने या रामदेव मंदिर प्रांगण में बनवाने का राजनैतिक द्वंद हो इन सब की बली 20 से अधिक हरे भरे एवं भरे पूरे पेड़ चढ़ गए। सरकारों द्वारा बच्चों को पर्यावरण से जोड़ने के लिए किताबों में पढ़या जाता है कि पेड़ों में भी जान होती है तो ऐसे में क्या इन पेड़ों को ऐसे काट देना हत्या नहीं है..? यह सवाल गांव मोमासर में हुई इस घटना के बाद हर किसी के मन में उठ रहा है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोमासर में काटे गए हरे भरे पेड़, लोगो मे आक्रोश।