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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 दिसंबर 2022, हाई बीपी को ही हाइपरटेंशन कहा जाता है। वहीं, उच्च रक्तचाप को साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है। यह बीमारी शरीर में सोडियम बढ़ने और अत्यधिक तनाव लेने की वजह से होती है। इस बीमारी से हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके लिए हाइपरटेंशन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए डॉक्टर डाइट में पोटेशियम रिच फूड्स शामिल करने की सलाह देते हैं। इससे शरीर में सोडियम संतुलित रहता है। सोडियम के असंतुलन से उच्च रक्तचाप बढ़ता है। इसके अलावा, उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करने के लिए डाइट में सोंठ को जरूर शामिल करें। इसके सेवन से उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। खासकर, सोंठ को दूध में मिलाकर सेवन करने से ज्यादा फायदा मिलता है। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-

सोंठ क्या है ?

अदरक को सुखाकर सोंठ तैयार किया जाता है। इसमें आयरन, फाइबर, कैल्शियम, फोलेट एसिड, फैटी एसिड सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, जिंक जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो विभिन्न प्रकार की बीमारियों में फायदेमंद होते हैं। इसमें आवश्यक पोषक तत्व पोटेशियम भी पाया जाता है। इससे शरीर में सोडियम संतुलित रहता है। इसके लिए उच्च रक्तचाप के मरीज सोंठ का सेवन कर सकते हैं। इसके सेवन से बढ़ते रक्तचाप को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

कैसे करें सेवन ?

अगर आप उच्च रक्तचाप के मरीज हैं, तो सोंठ को रोजाना रात में सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चम्मच सोंठ चूर्ण मिलाकर सेवन करें। नियमित रूप से सोंठ का सेवन करने से उच्च रक्तचाप कंट्रोल में रहता है। वहीं, आप सोंठ के लड्डू बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। इससे भी फायदा मिल सकता है। सोंठ रक्त को पतला करने में मददगार साबित होता है। इससे धमनियों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या नहीं होती है। यह दिल के लिए भी लाभकारी है।