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October 16, 2026
Hindustan-Petroleum-Corporation
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 मार्च 2022। श्रीडूंगरगढ़ में गंदे पानी की जल निकासी को लेकर आमजन बुरी तरह से प्रभावित है और लगातार सुधार की मांग कर रहें है। आज प्रश्नकाल के दौरान शहर के ताल मैदान के पास जोहड़ों में जमा हो रहे गंदे पानी की निकासी को लेकर लगाया गया सवाल सूचीबद्ध था। जिस पर विभागीय मंत्री शांतिलाल धारीवाल ने गंदे पानी की निकासी को लेकर विभाग का रूख स्पष्ट करते हुए बताया कि श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में कस्बे की पश्चिम दिशा की ओर कच्चे व पक्के जोड़ में एकत्रित होने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए 3 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाकर तीन बूस्टर पंप सेट और एक जनरेटर लगाए गए है तथा गंदा पानी वन विभाग की खाली भूमि पर विसर्जित किया जा रहा है। इस पर सरकार दिसंबर 2019 से अभी तक 49 लाख 30 हजार 723 रुपए व्यय होने की बात कही। साथ ही मंत्री धारीवाल ने गंदे पानी की निकासी हेतु सरकारी राशि में अनियमितता एवं गबन नहीं होने की बात कही। जिस पर विधायक महिया ने मंत्री धारीवाल से सवाल करते हुए कहा कि पिछले 3 वर्षों में लाखों रुपए खर्च कर दिए गए हैं किंतु हकीकत यह है कि इन संसाधनों के माध्यम से दोनों जोहड़ों से एक बूंद भी गंदा पानी वन विभाग की भूमि में विसर्जित नहीं किया गया है। महिया ने इस पर सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत की तो मंत्री धारीवाल ने कहा कि इस प्रकार की अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है तो कार्यवाही नहीं की गई। महिया ने पलट जवाब देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतें सरकार तक पहुंच नहीं रही है तभी तो विधानसभा में लगातार इसको लेकर अपनी मांग उठा रहा हूँ। धारीवाल ने महिया को जागरूक विधायक बताते हुए उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई करने की बात कही। मंत्री ने आश्वासन दिया की अगर गंदे पानी की निकासी को लेकर कोई अनियमितता बरती जा रही है तो अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान मंत्री धारीवाल ने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ शहर के गंदे पानी के समाधान के लिए एसटीपी डीपीआर तैयार करवाई जा रही है, जिसका परीक्षण करवाने के बाद वित्तीय स्वीकृति सरकार द्वारा जारी करवाई जाएगी।