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October 17, 2026
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जिस तरह किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के पास के राष्ट्रीय राजमार्गों पर डेरा डाले बैठे हैं, उसी तरह राजस्थान के बेरोजगार भी लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के सामने धरना, अनशन पर बैठे हैं।
राजस्थान की मांग मगर लखनऊ में धरना। इसकी भी वजह है। कांग्रेस में आलाकमान से ही सब निर्णय होते हैं और प्रियंका गांधी का इसमें बड़ा रोल है। प्रियंका इन दिनों यूपी चुनाव को लेकर वहीं सक्रिय रहती है।
राजस्थान सरकार ने इन बेरोजगारों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया। उसी समय यूपी में प्रियंका गांधी यूपी के बेरोजगारों के संघर्ष को समर्थन कर रही थी। राजस्थान के बेरोजगारों का कहना था कि यूपी में जिस मांग का वे समर्थन कर रही है उस मांग को उनकी पार्टी की राजस्थान सरकार से तो तुरंत पूरा कराना चाहिए। बेरोजगारों ने लखनऊ में धरने की घोषणा कर वहां कूच कर लिया।
राजस्थान सरकार को आलाकमान के सामने ये आंदोलन बर्दाश्त होना नहीं था, वो और सख्त हो गई।
अब राजस्थान के बेरोजगार तेज ठंड में भी लखनऊ की सड़कों पर डटे हैं और उनकी मार्मिक तस्वीरें खबर सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में स्थान पा रही है। ये कांग्रेस के यूपी नेताओं के लिए भी परेशानी का सबब बन रही है।
प्रियंका इन दिनों यूपी से विश्राम के लिए राजस्थान के पर्यटन पर है। बेरोजगार वहीं डटे है। राजस्थान सरकार को अपने इन नोजवानों के प्रति सहानुभूति का व्यवहार रख, गतिरोध तोड़ना चाहिए। लोकतंत्र में बातचीत से हर रास्ता निकाला जा सकता है। नहीं तो राजस्थान के ये बेरोजगार यूपी में कांग्रेस के लिए समस्या पैदा करेंगे। मसला व्यावहारिक है, राज्य सरकार को पहल करनी चाहिए।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार