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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बीकानेर के संस्कृत महाविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के बाद श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित अभिनंदन समारोह में आभार ज्ञापित करते अशोक तावणियां सातलेरां।

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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अगस्त 2019। बुधवार को आए छात्रसंघ चुनावों के परिणामों के बाद जिते हुए चेहरों के साथ हर कोई जीत एवं उल्लास मना रहा है और श्रीडूंगरगढ़ के युवाओं में यह उत्साह उस समय दुगुना हो गया जब यहां का बेटा बीकानेर के कालेज में अध्यक्ष निर्वाचित हुआ। तहसील के गांव सातलेरां का युवा अशोक तावणियां बीकानेर के संस्कृत महाविद्यालय में अध्ययनरत है एवं उसने अभाविप के बैनर पर छात्रसंघ चुनाव लड़ा था। चुनाव में अशोक ने अपने निकटतम प्रतिद्वविंदी को 49 मतों से हराया है। अशोक के विजयी होने के बाद श्रीडूंगरगढ़ पहुंचने पर स्थानीय अभाविप कार्यकर्ताओं एवं भाजयुमो नेताओं ने अभिनदंन किया। तावणियां के श्रीडूंगरगढ़ पहुंचने पर डीजे के साथ विजयी जुलूस निकाला गया। इसके बाद नेशनल हाईवे स्थित भाजपा कार्यालय में भाजयुमो शहर अध्यक्ष भवानी प्रकाश तावणियां की अध्यक्षता में समारोहपूर्वक अभिनंदन किया गया। भाजयुमो देहात अध्यक्ष जिज्ञासू सिद्ध ने साफा पहनाया। इस दौरान अभाविप कार्यकर्ता भरत सुथार, सुनिल तावणियां, विक्रमसिंह शेखावत, अशोक सारस्वत, नरवत्न राजपुरोहित, राज शर्मा, महेन्द्र, नरेश पूरी, श्याम सारस्वत आदि ने अभिनंदन किया। यहां से विजयी जूलूस जैसलसर पहुंचा जहां पर भाजयुमो जिला मंत्री नरेश सारस्वत की अगुवाई में अभिनंदन किया गया। यहां से अशोक तावणियां के पैतृक गांव सातलेरां पहुंचे व वहां भी ग्रामीणों ने गांव के लाड़ले का अभिनंदन किया।

श्रीडूंगरगढ़ में नहीं हुए थे चुनाव।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। यह विडम्बना ही है कि पुरे राज्य में युवाओं की राजनैतिक पाठशाला कहे जाने वाले छात्रसंघ चुनावों की धुम मची हुई है। लेकिन श्रीडूंगरगढ़ में किसी भी महाविद्यालय में यह चुनाव नहीं होने से क्षेत्र के युवा मायुस है। श्रीडूंगरगढ़ स्थित तीन नीजी महाविद्यालयों के प्रबधंन ने चुनाव नहीं करवाने का निर्णय ले रखा है एवं यहां के राजकीय महाविद्यालय को अभी खुले हुए दो वर्ष ही हुए है और तृतीय वर्ष की कक्षाएं शुरू होने के बाद ही यहां चुनाव हो पाएगें। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के युवा भले ही चुनावों में सक्रिय भाग नहीं ले सके लेकिन श्रीडूंगरगढ़ के बीकानेर में पढ़ने वाले युवाओं ने अपनी छाप बीकानेर के चुनावों में छोड़ी है। बीकानेर के डूंगर महाविद्यालय सहित महारानी सुर्दशना महाविद्यालय में भी श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के वोट ही निर्णायक साबीत हुए है।