Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
IMG-20190813-WA0025

पुलिस की गिरफ्त में आए शिकारी रामसिंह एवं धर्मेन्द्र बावरी।

AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 अगस्त 2019। क्षेत्र के उदरासर गांव की किसान महिला परमादेवी बनी शक्ति स्वरूपा ओर उन्होंने मासूम हरिन का शिकार करने वाले शिकारियों को धर पकड़वाया। राजस्थान की धरती ने ममता व वीरता व्रत पर खरा उतरने वाली महिलाओं को जन्म दिया है। आज वन विभाग, पुलिस महकमा, ग्रामीण महिला की हिम्मत की दाद दे रहा है। मामला ये हुआ कि गांव उदरासर की रोही में परमादेवी अपनी बेटी के साथ अपने खेत के पडौस में बारानी भूमि पर अपने पालतू पशुओं को चरा रही थी। तभी उन्होंने वहां दो लोगों को बंदूकों के साथ घूमते देखा तो निडरता के साथ उनसे पूछा कि बंदूक का क्या करेंगे, इस पर दोनो जनें सकपका गए एवं आस पास के खेतों की सुरक्षा का काम करने बहाना बना दिया। इस समय तो परमादेवी ने गौर नहीं किया लेकिन अपने पशुओं के साथ वह थोड़ी दूर पहुंची तो वहां मृत हिरण के शव को दिखा तो परमादेवी का दिमाग ठनका। ऐसी स्थितियों में सामान्यता महिलाएं घबरा जाती है लेकिन परमादेवी ने हिम्मत रखी व तुरंत पुलिस को फोन किया। इसके बाद अपने परिजनें एवं ग्रामीणों को भी सुचना दी एवं अपने खेत, अपने पशुओं की परवाह नहीं करते हुए करीब एक घंटे तक अन्य लोगों के मौके पर नहीं पहुंचने तक हिरण के शव की रखवाली की। अगर मौके से परमादेवी ड़र कर चली जाती तो निश्चित ही शिकारी हिरण का शव अपने साथ ले जाते एवं किसी को शिकार का कोई सुराग तक नहीं मिलता। पुलिस सहित ग्रामीण मौके पहुंचे तो उन्होने परमादेवी को हरिन की मृत देह की सुरक्षा करते पाया व परमादेवी की हिम्मत की दाद दी। पुलिस व वन विभाग की टीमों ने शिकारियों को तलाशा व सत्तासर निवासी रामसिंह बावरी, व पिपरेन निवासी धर्मेंद्र बावरी को राउंडअप कर लिया। पुलिस द्वारा थोड़ी कठोरता से पूछने ओर शिकारियों ने सारा राज खोल दिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने टोपीदार बंदूकें, बारूद, जाल, तराजू, आदि सामान भी जब्त किया गया है।
क्षत्रिय वन अधिकारी सुरेंद्र पाल मीना ने जानकारी दी मृत हरिन का पोस्टमार्टम कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। सहायक वन संरक्षक मोहम्मद इक़बाल ने बताया कि परमादेवी की हिम्मत काबिले तारीफ है जो बंदूकें के देख घबराई नही व अपना फर्ज निभाया। उन्होंने कहा कि सभी महिलायें जागरूक हो जाये ऐसे तो समाज से अपराध समाप्त हो जाये।