Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
05d349f1-27c6-4087-ba0c-fe6a18a1be48
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 फरवरी 2021। प्रत्येक अभिभावक की मृत्यु के बाद उसकी विरासत के उतराधिकारियों के लिए आवश्यक कागजात के रूप में कुर्सीनामा/ वारिस प्रमाण पत्र/ उतराधिकारी प्रमाण पत्र आदि अब सरपंच या ग्राम पंचायत जारी नहीं करेगी। इस संबध में राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की आयुक्त मंजू राजपाल ने विशेष परिपत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सरपंच या ग्राम पंचायत द्वारा जारी किए गए कुर्सीनामा विधिक रूप से अमान्य है एवं इस कारण जारी करने वाले सरपंच, ग्राम पंचायत को अनावश्यक जांच कार्यवाहियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सभी सरपंचों को निर्देशित किया गया है कि वे अब किसी भी प्रकार का कुर्सीनामा, वारिसनामा या उतराधिकारी प्रमाण पत्र नहीं बनाएगें। सरपंच जसवीर सारण ने बताया कि सामान्यतः देखा जाता है कि इस कार्य के लिए पटवारियों द्वारा आम जनता को सरपंचों से कुर्सीनामा बनवाने के लिए मजबूर किया जाता है एवं सरपंच भी अपने वोट बैंक को नाराज नहीं करने के प्रयास में ऐसे प्रमाण पत्र जारी कर देते है। लेकिन अब स्पष्ट आदेश होने के बाद आवश्यकता है कि उपखण्ड प्रशासन पटवारियों को पाबंद करे कि वे जनप्रतिनिधियों द्वारा कुर्सीनामा जारी करवाने की मांग को बंद करें।